कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि महादयी विवाद के लिए मुख्य तौर से पार्टी ही जिम्मेदार है। इसके अलावा भी बोम्मई ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी को लगता है कि लोग भूल गे है… लेकिन वे उस पार्टी के बारे में पूर्ण रूप से अच्छी तरह से जानते है।
सीएम बोम्मई ने कही यह बात
जानकारी के मुताबिक उन्होंने कहा, कांग्रेस ने महादयी, कृष्णा और एससी/एसटी आरक्षण के संबंध में दो सम्मेलनों की घोषणा की। यह कांग्रेस पार्टी थी, जो महादयी परियोजना के विवादास्पद बनने के लिए जिम्मेदार थी। सीएम बोम्मई ने कहा, गोवा में चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी सुप्रीमो सोनिया गांधी ने ऐलान किया था कि पानी की एक बूंद भी कहीं नहीं जाएगी। 2013 से 2018 तक सत्ता में रहने के दौरान कांग्रेस कुछ भी करने में विफल रही। कांग्रेस पार्टी ने 40 साल तक एससी/एसटी को देखने की जहमत तक नहीं उठाई।” बोम्मई ने कहा कि राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कांग्रेस के सत्ता में लौटने पर आंतरिक आरक्षण देने का ट्वीट किया। उन्होंने कहा, जब वे मुख्यमंत्री थे, रिपोर्ट पेश करने के लिए एक सम्मेलन के दौरान सिद्धारमैया ने सिर्फ दीया जलाया था और कुछ नहीं बोला।
बोम्मई ने सवाल किया, उनकी सारी हरकतें लोगों के दिमाग में हैं। इसे शांत करने के लिए, सम्मेलन आयोजित किया गया। वे बार-बार लोगों को मूर्ख नहीं बना सकते। कांग्रेस के नेताओं ने पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान आंतरिक आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन क्या उन्होंने कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार पर इसे लागू करने के लिए दबाव डाला? सीएम ने एससी/एसटी के लिए कोटा को लेकर किसी तरह के भ्रम की बात से इनकार किया और कहा कि प्रस्ताव बुधवार को भेजा जाएगा। महादायी विवाद गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच बहने वाली महादयी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर है।


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