महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार संतुलित क्षेत्रीय विकास पर डॉ. विजय केलकर समिति की रिपोर्ट को ‘ज्यों का त्यों’ लागू नहीं कर सकती क्योंकि इसके मापदंड संविधान में उल्लेखित मापदंडों से मेल नहीं खाते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि रिपोर्ट को ‘ज्यों का त्यों’ लागू किया जाता है तो यह मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों के साथ बड़ा अन्याय होगा। राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस-राकांपा सरकार के दौर में गठित केलकर समिति ने संतुलित क्षेत्रीय विकास के लिए कुछ सिफारिशें पेश की थीं। राज्य सरकार ने दिसंबर 2014 में इस रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था।
फडणवीस ने कहा, “समिति ने तहसील को अपनी इकाई माना है जबकि संविधान क्षेत्रीय असंतुलन की बात करता है। इसलिए हम रिपोर्ट को ‘ज्यों का त्यों’ स्वीकार और लागू नहीं कर सकते।” उन्होंने विधानपरिषद में कांग्रेस और राकांपा के कई सदस्यों के सवाल के जवाब में यह बात कही। फडणवीस ने कहा, ‘‘यदि हम इसे लागू करना शुरू करते हैं तो मराठवाड़ा और विदर्भ के साथ बड़ा अन्याय होगा, इसलिए हम इसे ज्यों का त्यों लागू नहीं कर सकते।’’


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