Kerala Assembly Elections 2026 : दक्षिण भारत के राज्य लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए कठिन राजनीतिक जमीन रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में पार्टी ने कुछ राज्यों में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है, लेकिन सत्ता तक पहुंचने के लिए उसे अभी भी कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।
केरल भी ऐसा ही राज्य है, जहां भाजपा अब तक विधानसभा में अपना खाता खोलने के लिए संघर्ष करती रही है। पिछले चुनावों में पार्टी के वोट प्रतिशत में कुछ बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन वह अभी इतनी मजबूत स्थिति में नहीं पहुंच पाई है कि सत्ता परिवर्तन या किंगमेकर की भूमिका निभा सके।
Kerala Assembly Elections 2026: 9 अप्रैल को मतदान, मुख्य मुकाबला LDF और UDF में

केरल विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है। राज्य में पारंपरिक रूप से मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और सीपीएम के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के बीच रहता है।
जहां LDF एक बार फिर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है, वहीं UDF मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की सरकार को चुनौती देने में जुटा है। इसी बीच भाजपा के नेतृत्व वाला NDA दोनों प्रमुख गठबंधनों को चुनौती देकर राज्य की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
चथन्नूर सीट पर खास नजर
भाजपा का विशेष ध्यान चथन्नूर विधानसभा सीट पर है। पार्टी को उम्मीद है कि यदि इस बार यहां जीत मिलती है तो वह वामपंथी दलों के मजबूत गढ़ में सेंध लगाने में सफल हो सकती है।
1965 में स्थापित इस निर्वाचन क्षेत्र का इतिहास वामपंथी विचारधारा के प्रभाव को दर्शाता है। अब तक हुए 15 विधानसभा चुनावों में से 12 बार इस सीट पर LDF ने जीत दर्ज की है। शुरुआती वर्षों में CPI के वरिष्ठ नेता पी. रविंद्रन, जे. चित्तरंजन और एन. अनिरुद्धन जैसे नेताओं का इस सीट पर खासा प्रभाव रहा।
हालांकि बीच-बीच में UDF को भी सफलता मिली, खासकर कांग्रेस नेताओं सी.वी. पद्मराजन और जी. प्रतापवर्मा थंपन के नेतृत्व में। लेकिन इन जीतों के बाद अक्सर वामपंथी दलों ने मजबूत वापसी की। हाल के वर्षों में यह सीट CPI के नेता जी.एस. जयलाल के पास रही है।
Kerala Assembly Elections 2026: इस बार त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति

पिछले दो विधानसभा चुनावों में दूसरे स्थान पर रहने के बाद भाजपा इस सीट को जीतने के अच्छे अवसर के रूप में देख रही है।
9 अप्रैल को होने वाले चुनाव में यहां भाजपा के नेतृत्व वाले NDA, कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF और सीपीएम के नेतृत्व वाले LDF के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है।
चथन्नूर सीट से भाजपा उम्मीदवार बी.बी. गोपाकुमार मैदान में हैं। उनका मुकाबला CPI के आर. राजेंद्रन और कांग्रेस के उम्मीदवार सूरज रवि से होगा।
चुनाव दर चुनाव मजबूत होती बीजेपी
2016 के विधानसभा चुनाव में CPI के जी.एस. जयलाल ने भाजपा के बी.बी. गोपाकुमार को 34,407 वोटों से हराया था। हालांकि 2021 के चुनाव में भी जयलाल ने अपनी सीट बरकरार रखी, लेकिन उनकी जीत का अंतर घटकर 17,206 वोट रह गया, जो 2016 के मुकाबले लगभग आधा था।
इस दौरान भाजपा ने गोपाकुमार के नेतृत्व में अपने प्रदर्शन में सुधार किया और अपने वोट शेयर में बढ़ोतरी दर्ज की। 2021 के चुनाव में जयलाल को 59,296 वोट मिले, जो कुल वोटों का 43.21 प्रतिशत था। वहीं गोपाकुमार को 42,090 वोट मिले और उनका वोट शेयर 30.61 प्रतिशत रहा।
तीसरे स्थान पर रहे कांग्रेस उम्मीदवार एन. पीतांबरकुरुप को 34,280 वोट मिले और उनका वोट प्रतिशत 24.93 रहा। यानी भाजपा इस सीट पर चेलेंजर की पोजीशन पर आती रही है.
Kerala Assembly Elections 2026: बीजेपी का फोकस, बड़े नेताओं की रैलियां
एनडीए इस सीट पर लगातार दूसरे स्थान पर रहने के अपने प्रदर्शन को जीत में बदलने की कोशिश कर रहा है और LDF के पारंपरिक दबदबे को चुनौती दे रहा है।
इस सीट के महत्व को देखते हुए भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में यहां एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में इस सीट को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कार्यकर्ताओं से जीत सुनिश्चित करने का आह्वान किया।


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