Kerala To Keralam : भारत के दक्षिणी राज्य केरल का नाम बदल कर अब ‘केरलम’ हो जाएगा। वजह, इसको लेकर केंद्रीय कैबिनेट के पास एक प्रस्ताव विचाराधीन था जिसमें केंद्र से संविधान की प्रथम अनुसूची में संशोधन कर राज्य का नाम ‘केरलम’ करने की मांग की गई थी.
Kerala To Keralam : केंद्र ने दे दी बिल को मंजूरी

बता दें कैबिनेट ने आज मंगलवार को इसके बदले नाम के बिल को मंजूरी दे दी है. यह राज्य विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा माना जा रहा है.
बता दें, जून 2024 में केरल विधानसभा में मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन द्वारा पेश प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया था. जिसमें केंद्र से राज्य का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर ‘केरलम’ करने का आग्रह किया था. इस प्रस्ताव में कहा गया कि मलयालम भाषा में राज्य का मूल और प्रचलित नाम ‘केरलम’ है, जबकि ब्रिटिश काल में प्रशासनिक सुविधा के लिए इसे ‘केरल’ कर दिया गया था.
बता दें, इस प्रस्ताव को विधानसभा में विपक्षी कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और सत्ता पक्ष ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया था. यही प्रस्ताव अगस्त 2023 में विधानसभा में अपनाया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे दोबारा पेश करना पड़ा.
Kerala Assembly Elections : अनुच्छेद 3 के तहत प्रक्रिया शुरू करने की मांग

इस प्रस्ताव पर राजनीतिक सहमति भी उल्लेखनीय थी. यह दिलचस्प है कि जनवरी 2026 में केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन को पत्र लिखकर समर्थन जताया था. उन्होंने कहा कि ‘केरलम’ नाम राज्य की इतिहास, भाषा और जड़ों को दर्शाता है. यह हमारी विरासत का सम्मान करने वाला कदम है. भाजपा और एनडीए हमेशा केरलम की परंपराओं, संस्कृति और आस्था की रक्षा के पक्ष में खड़े रहे हैं.
मुख्यमंत्री विजयन ने जवाब में चंद्रशेखर का आभार जताया और कहा कि ‘केरलम’ राज्य की संस्कृति और भाषा से जुड़ा मूल नाम है. ब्रिटिश शासन में किए गए बदलावों को अब सुधारने का समय है. यह कदम राज्य की भाषा और संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में है.राज्य का नाम बदलने की प्रक्रिया संवैधानिक है. अनुच्छेद 3 के तहत संसद को राज्य का नाम बदलने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए विधेयक पास होना जरूरी है. कैबिनेट की मंजूरी के बाद संसद में बिल पेश किया जाएगा. यदि मंजूर हुआ तो केरल आधिकारिक रूप से ‘केरलम’ कहलाएगा, जो मलयालम में प्रचलित उच्चारण से मेल खाता है.
Kerala State Name Change : पक्ष विपक्ष में सहमति

यह एक दिलचस्प बात है कि इस मुद्दे पर पक्ष विपक्ष सब साथ मिल कर इस नाम में बदलाव चाहते हैं। केरल में वाम विचारधारा वाली कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार है, विपक्ष में उदारवादी कांग्रेस है, और वाम की धूर विरोधी पार्टी भाजपा दक्षिणपंथी उभरने की कोशिश में है। बावजूद इस मांग पर सभी पार्टियों में सहमति है, जिसे देखते हुए इस बिल को केन्द्रीय केबिनेट से मंजूरी मिल गई है।
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