केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) लगातार दूसरे कार्यकाल की ओर बढ़ता दिख रहा है क्योंकि निर्वाचन आयोग के ताजा रूझानों के मुताबिक उसने 140 में से 70 सीटें जीत ली है और 29 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। पिछले 40 साल में पहली बार केरल में कोई निर्वाचित सरकार अपनी सत्ता बरकरार रखने जा रही है।
इससे पहले वाम दल और कांग्रेस नीत यूडीएफ को ही बारी-बारी से जनता ने सत्ता की बागडोर सौंपी है। यूडीएफ 32 सीटें जीत चुका है और नौ सीटों पर बढ़त बनाए हुए है वहीं भाजपा का खाता भी नहीं खुला है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, मंत्रिमंडल के उनके सहयोगी एम एम मणि, के के शैलजा, ए सी मोईद्दीन, के रामचंद्रन, के कृष्णनकुट्टी, टी पी रामकृष्णन और के चंद्रशेखरण भी जीत गए हैं।
भाई-भतीजावाद के आरोपों के बाद उच्च शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले के टी जलील तवानूर से जीतने में कामयाब रहे। ‘मेट्रोमैन’ के नाम से मशहूर ई श्रीधरन, पूर्व केंद्रीय मंत्री के जे अल्फोंस, कुम्मनम राजशेखरन, राज्यसभा सदस्य और अभिनेता सुरेश गोपी चुनाव हार गए।


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