लाउडस्पीकर विवाद : संजय राउत ने दिया बयान, गृह मंत्री ने डेसीबल स्तर को लेकर मस्जिदों को जारी किए है नोटिस

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शिवसेना सांसद संजय राउत ने गुरुवार को कहा कि प्रदेश के गृहमंत्री ने सभी मस्जिदों को नोटिस जारी कर निर्धारित आवाज के स्तर का पालन करने का निर्देश दिया है।

महाराष्ट्र में अजान लाउडस्पीकर विवाद पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने गुरुवार को कहा कि प्रदेश के गृहमंत्री ने सभी मस्जिदों को नोटिस जारी कर निर्धारित आवाज के स्तर का पालन करने का निर्देश दिया है। राउत ने कहा, महाराष्ट्र के प्रदेश गृह मंत्री ने एक नोटिस जारी किया है जिसमें कहा गया है कि अजान करते समय डेसिबल का स्तर कितना होना चाहिए। गौरतलब है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों को लेकर शुरू किया हुआ विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। राज ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि सभी मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाएं। इतना ही नहीं उन्होंने मस्जिदों के पास हनुमान चालीसा बजाने की चेतावनी भी दी है।
जगह-जगह लाउडस्पीकर लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं मनसे के कार्यकर्ता
राज ठाकरे के बयान के बाद अब मनसे के कार्यकर्ता जगह-जगह लाउडस्पीकर लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। जिस कारण मुंबई पुलिस ने शांति भंग की आशंका के बाद कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर उनपर 5-5 हजार का जुर्माना लगाया है। इस विवाद के बाद सत्तारूढ़ शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी राज ठाकरे पर निशाना भी साध रहे हैं। संजय राउत ने सोमवार को भी कहा था कि, यह साफ है कि शिवाजी पार्क में लाउडस्पीकर को लेकर दिए गए भाषण की पटकथा बीजेपी ने लिखी और प्रायोजित की थी। उन्होंने कहा कि, पहले उत्तर प्रदेश में उतरवाएं, गोवा में मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतरवाएं वहां बीजेपी 10 सालों से सत्ता में है। वहां ये राजनीति क्यों नहीं हो रही है? महाराष्ट्र में ही यह मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है?
गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं राज ठाकरे : राउत
राउत ने कहा, मैं सोचता हूं कि कुछ लोगों की अक्ल दाढ़ इतनी देर से क्यों निकलती है। विधानसभा में बहुमत के आधार पर सरकारें बनती हैं। जरूरी संख्या एमवीए के पास थी। झूठे लोगों को सबक सिखाने और राज्य को स्थिरता प्रदान करने के लिए एमवीए सरकार का गठन किया गया था। इस मुद्दे पर महराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा, राज ठाकरे गिरगिट की तरह रंग बदल रहे हैं, उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ प्रचार किया और बाद में अपना रुख बदल लिया। उन्हें अब एक मिमिक्री आर्टिस्ट के रूप में देखा जाता है, लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि लोगों के मुद्दों को सिर्फ उन्हें हंसाने से हल नहीं होता है।

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