मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला 2028 की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल मध्य प्रदेश का नहीं, बल्कि पूरे विश्व की आस्था और संस्कृति का प्रतीक है, और इसके लिए विस्तृत और समयबद्ध योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा, “सिंहस्थ पूरे विश्व का गौरव है। हमें इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलानी है। इसलिए मलवा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन के लिए बुनियादी सुविधाओं का विकास प्राथमिकता है।”उन्होंने यह भी बताया कि उज्जैन को हरिद्वार की तर्ज पर धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है।
क्षिप्रा नदी को लेकर बड़े प्रबंध
मुख्यमंत्री ने कहा, “जैसे हरिद्वार और प्रयागराज में लोग गंगा में डुबकी लगाते हैं, वैसे ही उज्जैन आने वाले श्रद्धालु क्षिप्रा नदी में आस्था की डुबकी लगाएं — यह सभी की कामना है। आने वाले समय में राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी श्रद्धालुओं को स्वच्छ क्षिप्रा नदी में डुबकी लगाने का अवसर मिले।”उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्षिप्रा नदी की सफाई, प्रवाह और पवित्रता बनाए रखने के लिए विशेष योजना पर काम हो रहा है।
संतों को प्रणाम कर लिया आशीर्वाद
मुख्यमंत्री यादव ने सिंहस्थ मेला की तैयारियों में जुटे सभी संतों, अखाड़ों और सामाजिक संगठनों को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि सरकार सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी जिससे सिंहस्थ 2028 ऐतिहासिक और गरिमामयी आयोजन बन सके।


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