मद्रास हाई कोर्ट ने पेरियार के विरुद्ध टिप्पणियों को लेकर अभिनेता रजनीकांत के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने द्रविड़ संगठन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने ने याचिकाकर्ताओं से पूछा कि पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट में याचिका क्यों नहीं दायर की गई।
बता दें की सुपरस्टार रजनीकांत ने एक समारोह के दौरान कहा था कि ‘1971 में पेरियार की अगुवाई वाली एक रैली में कथित तौर पर भगवान राम और सीता की नग्न छवियों को प्रदर्शित किया गया था।’ जिन पर जूतों की माला थी। हालाँकि उनके इस बयान पर कई संगठनो ने आपत्ति जताते हुए माफ़ी की मांग की थी, लेकिन उन्होंने अपने बयान को लेकर माफ़ी मांगने से साफ़ इंकार कर दिया था।
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द्रविड़ विदुथलाई कजगम (डीवीके) ने पेरियार का अपमान करने पर रजनीकांत के खिलाफ कोयंबटूर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। द्रविड़ कजगम ने शिकायत की थी कि रजनीकांत का बयान झूठा है और उन्होंने पुलिस से उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का आग्रह किया। द्रविड़ कजगम ने माफी न मांगने पर अभिनेता की हालिया फिल्म ‘दरबार’ को दिखा रहे सिनेमाघरों के बाहर विरोध प्रदर्शन की भी धमकी दी।


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