अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच की स्थिति और अक्टूबर में सार्वजनिक हो चुके एम्स पैनल की रिपोर्ट पर चुप्पी को लेकर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) पर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी (MPCC) ने सवाल उठाए हैं।
एमपीसीसी के प्रवक्ता सचिन सावंत ने ट्वीट किया, ”क्या सीबीआई सुशांत सिंह राजपूत केस में बिहार चुनाव के लिए लागू आचार संहिता का पालन कर रही है? AIIMS पैनल की ओर से रिपोर्ट जमा किए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है और ना ही कोई बयान दिया गया है। एम्स पैनल की रिपोर्ट को सार्वजनिक किए एक महीने से अधिक समय हो गया है। क्या नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार ने सीबीआई से बिहार चुनाव खत्म होने तक इस मामले को ठंडे बस्ते में रखने को कहा है?”

सावंत का कहना है कि जांच को सीबीआई को सौंपे हुए 2 महीने से ज्यादा बीत जाने और AIIMS पैनल की रिपोर्ट सौंपे जाने के 1 महीने बाद भी सीबीआई की तरफ से कुछ नहीं खा गया है। उन्होंने कहा, ”हमारे पास सीबीआई के लिए 2 सवाल हैं। क्या यह बिहार चुनाव में लागू आचार संहिता की वजह से चुप है? हम यह भी जानना चाहेंगे कि क्या चुनाव खत्म हो जाने तक बयान जारी नहीं करने को लेकर मोदी सरकार की ओर से सीबीआई पर कोई दबाव डाला गया है?
सचिन सावंत के इस ब्यान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता अतुल भटखालकर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को धैर्य नहीं खोना चाहिए, सीबीआई प्रफेशनल तरीके से अपना काम कर रही है और जल्द ही रिपोर्ट आएगी। उन्होंने कहा, ”जांच एजेंसी के राजनीतिक इस्तेमाल का कोई सवाल नहीं है। सीबीआई बहुत प्रॉफेशनल तरीके से जांच कर रही है और जल्द ही रिपोर्ट जारी करेगी। कांग्रेस नेताओं को यह नहीं भूलना चाहिए कि जब वे सत्ता में थे तो 2013 में नरेंद्र दाभोलकर की हत्या माले में 9 महीने तक 1 भी गिरफ्तारी नहीं हुई थी।


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