महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि सरकार कुपोषण से राज्य में एक भी मौत न हो इसके लिए प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस द्वारा शुक्रवार की रात को कुपोषित बच्चों के लिए अपनी तरह के पहले शरणार्थी केन्द्र ‘‘बाल संजीवन छावनी’’ का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने यहां ठाणे जिले में कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे कि कुपोषण से एक भी मौत न हो।’’
आदिवासी बहुल जवाहर तालुका में पिछले दशकों में कुपोषण से कई मौतें हुई है। शिंदे ने कहा कि एसएएम (गंभीर कुपोषण) के कारण 2016 में 861 मौते हुईं थी । जून 2019 में यह आंकड़ा गिरकर 219 हो गया और इसी अवधि में एमएएम (मध्यम कुपोषण) से हुई मौतों की संख्या 4315 से घटकर लगभग दो हजार हो गई।


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