महाराष्ट्र में आरक्षण की मांग को लेकर शुरू हुआ मराठा आंदोलन थम नहीं रहा है। आंदोलन की आग दिनों दिन बढ़ती जा रही है। आंदोलन में अब तक 6 लोगों ने आत्महत्या कर ली है। हिंसा करने वाले आंदोलनकारीयों की गिरफ़्तारी के विरोध में आज मुंबई में जेल भरो आंदोलन होने जा रहा है। मराठा समुदाय के लोगों ने मंगलवार को औरंगाबाद-जलगांव मार्ग पर ‘रास्ता रोको’ प्रदर्शन किया। पुलिस ने बताया कि मराठवाड़ा क्षेत्र के बीड़ जिले के वीदा गांव के 35 वर्षीय खेत मजदूर अभिजीत देशमुख ने अपने घर के पास एक पेड़ से फांसी लगा ली।
उन्होंने बताया कि मराठवाड़ा क्षेत्र के लातूर जिले में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 8 प्रदर्शनकारियों ने अपने शरीर पर किरोसिन छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की। मराठा समाज का मानना है कि पुलिस ने जानबुजकर बेगुनाह लोगों को हिंसा करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसलिए अगर उनकी रिहाई नहीं होती या केस वापस नहीं लिए जाते तब मराठा समाज जेल भरो आंदोलन करता रहेगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को सर्वदलीय बैठक के बाद ये घोषणा की थी कि जिन लोगों पर हिंसा के गंभीर मामले दर्ज है उन्हें छोड़कर शांतिपूर्ण तरिके से आंदोलन करनेवाले लोगों को रिहा किया जाएगा और केस भी वापस लिए जाएँगे। इसके बाद भी मराठा समाज मानने के लिये तैयार नहीं है। वहीं समाज की इस तीव्र भावनाओं को देखते हुए मराठा समाज के विधायकों ने लोगों से शांति बनाने की अपील की है।
मराठा आरक्षण आंदोलन में सुलगा महाराष्ट्र, पुणे में 100 से अधिक गाड़ियां फूंकीं
पहले राज्य भर में एक साथ जेलभरों आंदोलन होना था लेकिन अब बारी बारी से पुरे राज्य में 9 अगस्त तक ये जेलभरों आंदेलन चलेगा जिसके बाद एक बडा आंदोलन करने की तैयार मराठा समाज कर रहा है। इन लोगों की मांग कि इस बार आश्वासन नहीं ठोस क़दम सरकार उठाए। जबतक लिखित रुप में कोई ठोस निर्णय सरकार नहीं देती तब तक महाराष्ट्र में फ़ैली आरक्षण की ये आग शांति नहीं होगी।


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