मध्य प्रदेश के गुना में किसान दंपत्ति के साथ पुलिस की बर्बरता मामले में कांग्रेस द्वारा गठित की गई पैनल को राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने निंदनीय कृत्य करार दिया है। उन्होंने कहा कि हमने इस मामले के बाद एसपी, कलेक्टर और आईजी को हटा दिया है।
इसके साथ ही उन्होंने राज्य की पूर्व सरकार पर हमला करते हुए कहा, जब सागर में एक दलित व्यक्ति को जिंदा जला दिया गया था और कमलनाथ के कार्यकाल में धार में एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया गया था, तब उन्होंने इन घटनाओं को लेकर क्या किया?
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गौरतलब है कि गुना के केंट क्षेत्र में गब्बू पारधी द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसे दलित परिवार को खेती के लिए बटिया पर दिए जाने का मामला सामने आया हैं। पिछले दिनों इस कब्जे को हटाने के दौरान पुलिस ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की थी। दलित परिवार के सदस्यों की पिटाई की थी।
इस मामले में ग्वालियर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटाए जाने के साथ छह जवानों को निलंबित किया जा चुका है। इस घटना पर कांग्रेस राज्य की बीजेपी सरकार के बीच ज़ोरदार बयानबाज़ी तेज हो रही है।


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