मध्यप्रदेश में हनीट्रैप कांड के जरिए एक बार फिर सियासत गर्मा चली है। वजह पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का वह बयान है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि हनीट्रैप कांड में फंसे कई नेताओं के चेहरे उनके पास मौजूद एक पेन ड्राइव में मौजूद हैं। उनका यह बयान आने के बाद से सत्ताधारी भाजपा उन पर लगातार हमले कर रही है। वहीं, हनीट्रैप मामले की जांच के लिए बनाया गया विशेष जांच दल (एसआईटी) पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ से संपर्क करने की तैयारी में है।
राज्य में लगभग दो साल पहले अफसरों को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये ऐंठने वाले महिलाओं के गिरोह का खुालासा हुआ था। इन महिलाओं के जाल में फंसे नौकरशाहों से लेकर राजनेताओं तक के नाम आए। मामला एसआईटी के पास गया, मगर उन महिलाओं के संपर्क में आए एक-दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद बात ठंडे बस्ते में चली गई। पिछले दिनों कमल नाथ का एक कथित बयान क्या आया कि उनके पास हनीट्रैप संबंधी एक पेन ड्राइव है, फिर क्या था! इस मामले ने सियासत में गर्माहट ला दी।
इस मामले को लेकर भाजपा हमलावर मूड में है। वह कमल नाथ पर मुख्यमंत्री रहते सत्ता के दुरुपयोग और संवैधानिक पद की गरिमा को आहत करने का आरोप लगा रही है। वहीं कांग्रेस की ओर से कहा जा रहा है कि कमल नाथ ने सीधे तौर पर यह कभी नहीं कहा कि उनके पास हनीट्रैप की पेन ड्राइव है।
वहीं दूसरी ओर कमल नाथ के बयान को एसआईटी ने गंभीरता से लिया है और वह इस पर सीधे उनसे ही संपर्क बनाने की तैयारी में है, साथ ही उनसे हनीट्रैप की पैन ड्राइव की मांग की जाएगी। यहां बता दें कि कमल नाथ ने यह भी कहा था कि हनीट्रैप की पैन ड्राइव कई पत्रकारों के भी पास है ।


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