बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने दावा किया है कि तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन के मुंबई के कोटा को पड़ोस के नवी मुंबई और ठाणे को दे दिया जा रहा है, जिससे यहां के कुछ अस्पतालों में इसका अभाव हो गया है। बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त पी वेलरासू ने मांग की है कि स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को नवी मुंबई में दो कंपनियों के रीफिलिंग केंद्रों पर तैनात किया जाए, ताकि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में जीवनरक्षक गैस की निगरानी के साथ ही सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
पिछले हफ्ते उन्होंने कोंकण संभागीय आयुक्त अन्नासाहेब मिसाल को पत्र लिखकर दावा किया था कि तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन (एलएमओ) को दूसरे स्थानों पर भेजने से कुछ अस्पतालों ने इसकी “आपूर्ति के अभाव” को लेकर कई बार जीवन रक्षा के लिए संदेश दिए हैं और एक बार तो मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भी स्थानांतरित करना पड़ा।
पत्र में कहा गया कि कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के चलते मांग में बढ़ोतरी को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और एमएमआर के अन्य इलाकों में चिकित्सीय ऑक्सीजन का कोटा तय किया था। बीएमसी ने पत्र में कहा, “यह देखा जा रहा है कि मुंबई कोटा के तहत प्राप्त होने वाली चिकित्सीय ऑक्सीजन को समान आपूर्तिकर्ताओं द्वारा नवी मुंबई और ठाणे भेज दिया जा रहा है।”
इसमें कहा गया कि एलएमओ का कोटा आवंटित करने के बावजूद बीएमसी के लिए रीफिलरों के पास उपलब्धतता 50 प्रतिशत से अधिक घट गई है। बीएमसी ने कहा कि चिकित्सीय ऑक्सीजन की आपूर्ति किसी क्षेत्र के लिए तय किए गए कोटा के अनुरूप होनी चाहिए।


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