बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनने वाले संभावित चक्रवाती तूफान को लेकर कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने शुक्रवार को केंद्र और राज्य सरकारों की तैयारियों की समीक्षा की। इस चक्रवात के 25 अक्टूबर को तट पर पहुंचने के आसार हैं।
बैठक में कैबिनेट सचिव ने कहा कि मछुआरों को वापस बुलाना चाहिए और चक्रवाती तूफान आने से पहले ही संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, एनसीएमसी ने केंद्रीय मंत्रालयों, एजेंसियों और राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों की तैयारियों की समीक्षा की।
बयान में कहा गया कि भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक ने एनसीएमसी को मौसम प्रणाली की ताजा स्थिति से अवगत कराया है, जिसके उत्तरी दिशा में बढ़कर 24 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है।
इसके बाद इसके उत्तर-पूर्व की तरफ बढ़ने और फिर पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तट पर 25 अक्टूबर को पहुंचने के आसार हैं। फिर यह ओडिशा के तट पर पहुंचेगा। इसके बांग्लादेश और पड़ोसी पश्चिम बंगाल तट को 25 अक्टूबर को पार करने के आसार हैं।
बयान के अनुसार, समुद्र में गए मछुआरों को अलर्ट करके उन्हें वापस आने के लिए और अन्य लोगों को समुद्र में नहीं जाने के लिए कहा गया है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने भी राज्यों को अपनी टीम उपलब्ध कराई और कई अतिरिक्त टीम को भी तैयार रखा गया है। सेना और नौसेना का बचाव और राहत दल भी पोत और विमान के साथ पूरी तरह तैयार है।
इस बैठक में ओडिशा, पश्चिम बंगाल और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के मुख्य सचिव, आंध्र प्रदेश के विशेष मुख्य सचिव, गृह मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय के सचिव, दूर संचार विभाग के प्रतिनिधि और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य सचिव मौजूद थे।
बैठक में एनडीआरएफ, आईएमडी और तटरक्षक बल के महानिदेशक, एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख, चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन और गृह मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।


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