राकांपा प्रमुख शरद पवार ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि पूर्वी लद्दाख में बढ़े तनाव को खत्म करने के लिए कूटनीतिक रास्ते का उपयोग किया जाना चाहिए लेकिन साथ ही चीन की सेना को गलवान घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों से हटाया जाना चाहिए।
चीन के साथ गतिरोध पर प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद देश के पूर्व रक्षा मंत्री ने कई ट्वीट कर कहा कि उन्होंने सामने वाली पहाड़ियों पर पीएलए की मौजूदगी से डबरूक-डीबीओ रोड पर होने वाले खतरे को भी रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि बेहतर यही होगा कि ‘‘चीन के साथ तनाव खत्म करने और उसे तर्कपूर्ण बात समझाने के लिए कूटनीतिक रास्ते का उपयोग किया जाए।’’
मुंबई से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए पवार ने चेताया कि चीन की सेना गलवान घाटी में लक्ष्य विशेष को ध्यान में रखते हुए ऊंचाई वाले क्षेत्र पर कब्जा कर रही है, और उसका लक्ष्य भारत की ओर के डबरूक-डीबीओ रोड पर अपना प्रभाव बढ़ाना है। राकांपा प्रमुख ने बैठक में कहा कि चीनी सेना कभी भी इस सड़क को बंद करवा सकती है और ऐसा हुआ तो भारत को भारी सैन्य क्षति होगी।


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