मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज अन्य पिछड़ वर्ग (ओबीसी) महासभा के मुख्यमंत्री निवास के घेराव के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं पर प्रशासन की कार्रवाई के बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार को ओबीसी वर्ग से परहेज क्यों है।
कमलनाथ का आरोप- BJP कर रही प्रदर्शन कुचलने के प्रयास
उन्होंने ट्वीट के जरिए आरोप लगाया कि ओबीसी महासभा द्वारा पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण प्रदान करने की माँग को लेकर आज भोपाल में प्रदर्शन की पूर्व से ही घोषणा की गयी थी, लेकिन पता नहीं शिवराज सरकार को ओबीसी वर्ग से परहेज क्यों है। सरकार उनके दमन पर क्यों उतारू हो गयी है। भाजपा और उससे जुड़े संगठनों को तमाम आयोजनों की छूट है, लेकिन ओबीसी वर्ग के आयोजन पर रोक है।
ओबीसी महासभा द्वारा पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण प्रदान करने की माँग को लेकर आज भोपाल में प्रदर्शन की पूर्व से ही घोषणा की गयी थी।
लेकिन पता नही शिवराज सरकार को ओबीसी वर्ग से परहेज़ क्यों , सरकार उनके दमन पर क्यों उतारू हो गयी है। pic.twitter.com/cjOxDTQ4qL— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) January 2, 2022
कमलनाथ ने कहा कि पहले ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों व इस वर्ग के लोगों को नाकेबंदी कर भोपाल आने से रोका गया और अब उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है, उनका दमन किया जा रहा है। आंदोलन को कुचलने का काम किया जा रहा है, उनके साथ मारपीट की जा रही है और यह सब खुद को इस वर्ग की हितैषी बताने वाली सरकार में हो रहा है।
BJP का दावा- कांग्रेस पर्दे के पीछे से कर रही सियासत
उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग, दलित वर्ग, आदिवासी वर्ग का कितना भी दमन कर लो, यह वर्ग अपने हक की मांग को लेकर संघर्ष करता रहेग। कांग्रेस इन वर्गों के साथ खड़ी है और इनके हित, उत्थान व कल्याण के लिये संकल्पित है। वहीं, मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री निवास घेराव के कार्यक्रम के बीच कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सरकार के ओबीसी आरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध होने के बावजूद कांग्रेस इस वर्ग को लेकर पर्दे के पीछे से राजनीति कर रही है।
कांग्रेस ओबीसी मुद्दे पर क्यों कर रही राजनीति?
सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि सरकार ने ओबीसी कल्याण के लिए निर्णय लिए हैं, फिर ये लोग ओबीसी के नाम पर राजनीति क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर कल सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में सरकार के वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे के माध्यम से पक्ष रख रही है। सुनवाई में सरकार कह रही है कि राज्य में ओबीसी आबादी 52 फीसदी से ज्यादा है और इसलिए ओबीसी वर्ग को पंचायत चुनाव में आरक्षण मिलना चाहिए।
MP सरकार सुप्रीम कोर्ट में रखेगी बात
मंत्री सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार भी अभिभावक के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में बात रखेगी कि मध्यप्रदेश सरकार को मौका दिया जाए, ताकि चार महीने में ओबीसी वर्ग की आर्थिक सामाजिक स्थिति की गणना की जा सके। उन्होंने कहा कि ओबीसी संगठन के लोग भी अपना पक्ष रख रहे हैं। सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है, उसके बाद भी कांग्रेस दूसरे संगठनों को जोड़ कर राजनीति कर रही है। ये साजिश कांग्रेस के इशारे पर हो रही है। कांग्रेस पर्दे के पीछे से खेल खेल रही है।


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