कोरोना वैक्सीन की खरीद को लेकर पश्चिम बंगाल की सियासत में आरोप प्रत्यारोप लग रहे हैं। विपक्ष सत्ता पक्ष तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर सवाल उठा रहा है और खरीद से संबंधित रिपोर्ट्स को सार्वजनिक करने की मांग कर रहा है। वहीं इस विषय में टीएमसी विपक्ष पर जनता में भ्रम फैलाने का आरोप लगा रही है। दरअसल, तृणमूल कांग्रेस सरकार पर कोविड-19 महमारी प्रबंधन के मुद्दे पर हमला तेज करते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगया कि सरकार ने महामारी खरीद समिति की वर्ष 2020 की रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की है।
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने अधिकारी के इन आरोपों को पिछले साल से कोरोना वायरस के खिलाफ राज्य सरकार की लड़ाई के मुद्दे पर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करार दिया है। भाजपा नेता ने शनिवार शाम को ट्वीट किया कि सरकार के क्रियाकलापों में ‘पादर्शिता’ होनी चाहिए। ममता बनर्जी नीत राज्य सरकार ने पिछले साल कोरोना वायरस महामारी के बाद चिकित्सा उपकरणों की खरीद की जांच के लिए राज्य के तत्कालीन गृह सचिव अल्पन बंदोपाध्याय के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति गठित की थी।
अधिकारी ने ट्वीट किया, ‘‘सरकार को 2000 करोड़ रुपये के महामारी खरीद घोटाले की समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए। क्यों जांच रिपोर्ट छिपाई जा रही है जिसकी जांच ममता बनर्जी द्वारा निर्देशित थी? मुख्य सलाहकार और पूर्व मुख्य सचिव अल्पन बंदोपाध्याय समिति के अध्यक्ष थे। जवाबदेही और पारदर्शिता के लिए इसे तुंरत सार्वजनिक किया जाना चाहिए।’’

अधिकारी के ट्वीट का जवाब देते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता और राज्य पार्टी महासचिव कुणाल घोष ने कहा, ‘‘वह जानबूझकर मुख्यमंत्री की कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में भ्रम की स्थिति पैदा करना चाहते हैं और जनता को भ्रमित करना चाहते हैं।’’


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