नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के नेता उमर अब्दुल्ला ने विपक्षी पार्टियों को साथ लाने के लिए संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रयासों की तारीफ की और कहा कि विपक्षी एकता कायम करने की कोशिशें तभी कामयाब होंगी ”जब कांग्रेस हमारी उम्मीदों के मुताबिक भाजपा से मुकाबला करेगी।”
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि विपक्षी पार्टियां ‘संघीय मोर्चा’ बनाने के तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के प्रस्ताव पर भी चर्चा कर रही हैं, जिसके तहत क्षेत्रीय पार्टियां अगले लोकसभा चुनावों में भाजपा से मुकाबले के लिए एकजुट होंगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ”हमने विपक्षी पार्टियों को साथ लाने के लिए सोनिया गांधी जी की ओर से किए जा रहे कई प्रयास देखे हैं। हाल में कर्नाटक के मुख्यमंत्री के शपथ-ग्रहण समारोह के दौरान हमने विपक्ष को एक साथ देखा।”
एक कार्यक्रम के इतर उमर ने कहा, ”निश्चित तौर पर विपक्षी एकता की कोशिशें तब तक कामयाब नहीं होंगी जब तक कांग्रेस उस तरह भाजपा से मुकाबला नहीं करेगी जैसा हम उम्मीद करते हैं।” ‘संघीय मोर्चा’ के गठन पर विचार करने के लिए आयोजित एक परिचर्चा में हिस्सा लेने के लिए उमर यहां आए हुए हैं। उन्होंने कल ममता से मुलाकात की थी।
उमर अब्दुल्ला ने की ममता से मुलाकात, बनाया ’मिशन 2019′ चुनाव का ये प्लान
उमर ने कहा, ”हमने (नेशनल कांफ्रेंस) मांग की है कि विधानसभा भंग की जाए। मौजूदा हालात में चुनावों के बारे में बात करने का कोई फायदा नहीं। हम चुनावों की बात तभी कर सकते हैं कि जब राज्य में हालात 2014 के दौरान जैसे हो जाएं….जब (पिछले विधानसभा) चुनाव हुए थे।”
आतंकवाद की तरफ रुख करने से नौजवानों को रोकने में ‘नाकाम’ रहने पर उमर ने जम्मू-कश्मीर की पिछली पीडीपी-भाजपा सरकार की आलोचना की।


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