MUMBAI के अस्पताल में OXFORD के टीके का ट्रायल हुआ शुरू

Summary :

कोरोना वायरस की वैक्‍सीन को लेकर दो अच्‍छी खबरें हैं। ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने अस्‍त्राजेनेका के साथ मिलकर जो टीका बनाया है, उसका मुंबई के केईएम हॉस्पिटल में आज से ट्रायल होगा। शुरू में तीन लोगों को कोविशील्‍ड टीका लगाया जाएगा

कोरोना वायरस की वैक्‍सीन को लेकर दो अच्‍छी खबरें हैं। ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने अस्‍त्राजेनेका  के साथ मिलकर जो टीका बनाया है, उसका मुंबई के केईएम हॉस्पिटल में आज से ट्रायल होगा। शुरू में तीन लोगों को कोविशील्‍ड टीका लगाया जाएगा। वहीं, फार्मा कंपनी जॉनसन ऐंड जॉनसन ने शुरुआती ट्रायल के नतीजे जारी कर दिए हैं। उनकी कोविड-19 वैक्‍सीन नोवेल कोरोना वायरस के खिलाफ मजबूत इम्‍युन रेस्‍पांस ट्रिगर करने में कामयाब रही है। इस वैक्‍सीन को Ad26.COV2.S नाम दिया गया है। यह ट्रायल 1,000 लोगों पर किया गया था।
केईएम अस्‍पताल के डीन डॉ हेमंत देशमुख ने कहा, “हमने अबतक 13 लोगों को स्‍क्रीन किया है। उनमें से तीन को शनिवार को ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी-अस्‍त्राजेनेका की बनाई कोविशील्‍ड वैक्‍सीन का पहला शॉट दिया जाएगा।” मानक प्रक्रिया के तहत, एक और व्‍यक्ति को प्‍लेसीबो दिया जाएगा मगर न तो तो वॉलंटियर्स, न ही टीका देने वाले को पता होगा कि किसे वैक्‍सीन दी जा रही है और किसे प्‍लेसीबो। केईएम मुंबई का पहला अस्‍पताल है जहां इस वैक्‍सीन का ट्रायल हो रहा है।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की गाइडलाइंस के अनुसार, हर वॉलंटियर का 1 करोड़ रुपये का बीमा किया गया है। अगर ट्रायल के दौरान किसी साइड इफेक्‍ट से मौत होती है तो परिवार को यह रकम मिलेगी। इसके अलावा वैक्‍सीन का कोई दुष्‍प्रभाव होने पर 50 लाख रुपये के मेडिकल इंश्‍योरेंस का भी प्रावधान है।
जॉनसन ऐंड जॉनसन की वैक्‍सीन की दोनों डोज देने पर वॉलंटियर्स में कोई निगेटिव असर देखने को नहीं मिला। रिसर्चर्स के अनुसार, वैक्‍सीन ने 98% पार्टिसिपेंट्स में ऐंटीबॉडीज डेवलप कीं। शुरुआती ट्रायल के शानदार नतीजों के बाद कंपनी ने 60 हजार लोगों पर फाइनल ट्रायल की शुरुआत कर दी है।
रूसी मीडिया के अनुसार, कोरोना वैक्‍सीन Sputnik V ‘सिविल सर्कुलेशन’ में आ गई है। वैक्‍सीन को पिछले महीने बड़े पैमाने पर उत्‍पादन की मंजूरी दी गई थी। यह वैक्‍सीन फिलहाज फेज 3 ट्रायल्‍स से गुजर रही है। वैक्‍सीन की सुरक्षा और असर को लेकर रिसर्चर्स अभी पूरी तरह संतुष्‍ट नहीं हैं, इसीलिए इस वैक्‍सीन में दुनिया ज्‍यादा दिलचस्‍पी नहीं दिखा रही।

Desk Team