मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख परमबीर सिंह के आरोपों के बाद महाराष्ट्र सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जहां विपक्ष गृहमंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है, वहीं परमबीर सिंह ने गृहमंत्री के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। परमबीर सिंह का कहना है कि चिट्ठी में उन्होंने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच की जानी चाहिए।
याचिका में परमबीर सिंह ने देशमुख के कथित भ्रष्टाचार के मामले की जांच सीबीआई से कराने का अनुरोध करते हुए अपने तबादले के आदेश को ‘मनमाना” और ”अवैध” करार दिया है। उन्होंने इस तबादले के आदेश को रद्द करने की भी अपील की है।
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उन्होंने कहा है कि उन्होंने जो दावे किए हैं, उनकी सीबीआई द्वारा जांच की जानी चाहिए। इसके अलावा अफसर रश्मि शुक्ला ने जो ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर जो रिपोर्ट सबमिट की थी, उसकी भी जांच की जानी चाहिए। परमबीर सिंह ने अपील की है कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के घर के सीसीटीवी की जांच होने चाहिए, ताकि सभी तथ्य हर किसी के सामने आ सके।
गौरतलब है कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के बाहर एक वाहन में विस्फोटक सामग्री पाए जाने के मामले को लेकर आलोचना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने 17 मार्च को परमबीर सिंह का तबादला कर दिया था। इसके कुछ दिन बाद परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सचिन वाजे और अन्य पुलिस अधिकारियों को प्रतिमाह सौ करोड़ रुपये की उगाही करने का निर्देश दिया था। देशमुख ने इन आरोपों का खंडन किया है।


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