प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां कोच्चि परिशोधन (रिफाइनरी) संयंत्र में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) का एकीकृत रिफाइनरी विस्तार परिसर राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने परिशोधन संयंत्र में पेट्रोरसायन परिसर तथा एत्तुमनूर में कौशल विकास संस्थान की आधारशिला भी रखी।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, कच्चे तेल के आयात में कटौती करने के लिए सरकार ने आयात को 10% तक कम करने और बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत करने के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं। सरकार पर्यावरण के अनुकूल परिवहन ईंधन यानी सीएनजी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। देश में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क का विस्तार।
उन्होंने कहा, देश के 400 जिलों में 10 वीं सीजीडी बिडिंग राउंड के सफल समापन के बाद, पाइप्ड गैस की आपूर्ति प्रदान करने के लिए जोड़ा जाएगा। पीएम मोदी बोले, मई 2016 से लगभग 6 करोड़ एलपीजी कनेक्शन गरीब से गरीब लोगों को प्रदान किए गए हैं, उज्जवला योजना, 1 करोड़ से अधिक ग्राहकों ने ‘गिव इट अप’ पहल के तहत एलपीजी सब्सिडी छोड़ दी है।
इसके अलावा उन्होंने यहां इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र में स्तूपनुमा भंडारण सुविधा का भी उद्घाटन किया। एकीकृत परिशोधन संयंत्र एक आधुनिक विस्तार है। यह कोच्चि परिशोधन संयंत्र को देश का सबसे बड़ा सरकारी परिशोधन संयंत्र बनाता है। यह एलपीजी तथा डीजल उत्पादन को दोगुना करेगा और संयंत्र में पेट्रोरसायन उत्पादों के लिये कच्चे पदार्थों का उत्पादन भी शुरू कर देगा। स्तूपनुमा भंडारण की कुल क्षमता 4,350 मीट्रिक टन है।
इसे सबसे सुरक्षित भंडारण तरीका माना जाता है। एत्तुमनूर के कौशल विकास संस्थान में तेल एवं गैस तथा अन्य उद्योगों के लिये योग्य युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा और उनकी रोजगार की योग्यता तथा उद्यमिता का विस्तार किया जाएगा। यह संस्थान आठ एकड़ के परिसर में तैयार हो रहा है। इसकी क्षमता 20 विभिन्न क्षेत्रों में सालाना एक हजार युवाओं को प्रशिक्षित करने की होगी।


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