प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह के दौरान सोलर फोटो वोल्टाइक पैनल के 45 मेगावाट के उत्पादन संयंत्र और जल प्रौद्योगिकी पर उत्कृष्टता केन्द्र की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में खेल परिसर का भी उद्घाटन किया।
इस दीक्षांत समारोह में लगभग 2600 छात्रों ने डिग्री और डिप्लोमा प्राप्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और ऊर्जा जरूरतों में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान डिग्री प्राप्त करने वाले युवाओं से कहा, “आज आप ऐसे समय में इंडस्ट्री में कदम रख रहे हैं, जब महामारी के चलते पूरी दुनिया के एनर्जी सेक्टर में भी बड़े बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में आज भारत में एनर्जी सेक्टर में ग्रोथ की, एंटरप्रेन्योरशिप की, एंप्लायमेंट की, असीम संभावनाएं हैं।”
मोदी ने कहा कि आज देश अपने कार्बन फुटप्रिंट को 30 से 35 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। प्रयास है कि इस दशक में अपनी ऊर्जा जरूरतों में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को हम 4 गुना तक बढ़ाएं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा, “एक ऐसे समय में ग्रेजुएट होना जब दुनिया इतने बड़े संकट से जूझ रही है,ये कोई आसान बात नहीं है। लेकिन आपकी क्षमताएं इन चुनौतियों से कहीं ज्यादा बड़ी हैं। प्राब्लम्स क्या हैं, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण ये है कि आपका परपज (उद्देश्य) क्या है, आपकी परफार्मेंस क्या है और आपका प्लान क्या है?”
उन्होंने युवाओं को सीख देते हुए कहा कि ऐसा नहीं है कि सफल व्यक्तियों के पास समस्याएं नहीं होतीं, लेकिन जो चुनौतियों को स्वीकार करता है, उनका मुकाबला करता है, उन्हें हराता है, समस्याओं का समाधान करता है, वो सफल होता है।


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