बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी को लेकर विरोध हो रहा है तो उनके समर्थन में भी आवाजें उठने लगी हैं। भोपाल की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर लगातार नुपुर शर्मा के समर्थन में बयानबाज़ी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करता है, तो ऐसे लोगों को ‘सच’ बताया जाएगा।
प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को भोपाल में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह सत्य है कि वहां (ज्ञानवापी में) भगवान शिव का मंदिर था, है और रहेगा। इसे फव्वारा कहना गलत है। यह हमारे हिंदू देवी-देवता औैर सनातन धर्म पर कुठाराघात है, इसलिए हम असलियत बताएंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी असलियत तुम बता दो हमें स्वीकार है, लेकिन तुम्हारी असलियत बता रहे हैं तो क्यों तकलीफ है? इसका मतलब है कि कहीं न कहीं इतिहास गंदा है। सच कहना अगर बगावत है तो समझो हम भी बागी हैं।’’
नुपुर को विवादास्पद टिप्पणी के बाद फोन पर कथित रूप से धमकी मिलने के बारे में पूछे जाने पर ठाकुर ने कहा, ‘‘हमेशा विधर्मियों ने ऐसा किया है। कमलेश तिवारी (लखनऊ के एक हिंदू संगठन के नेता) ने कुछ कहा, तो उससे इनको (विधर्मियों को) पीड़ा हुई और वर्ष 2019 में उसका कत्ल कर दिया गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विधर्मी अपनी गंदी मानसिकता से हमारे देवी-देवताओं को बुरा-भला बोलते हैं। फिल्मों के जरिए हमारे देवी-देवताओं का अपमान करते हैं। हम चुप रहते हैं, हमें विरोध करना होगा। हम अपने देवी-देवताओं के अपमान को कैसे सहन कर सकते हैं?’’ बीजेपी सांसद ने कहा, ‘‘जो इतिहास है वो सच है। एक लंबा कम्युनिस्ट इतिहास है….ये भारत हिंदुओं का है और यहां सनातन धर्म जिंदा रखना पड़ेगा। ये हमारी जिम्मेदारी है।’’
कांग्रेस ने BJP से मांगा स्पष्टीकरण
प्रज्ञा सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष के के मिश्रा ने कहा, ‘‘भाजपा ने नुपुर शर्मा को निलंबित कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। लेकिन, बीजेपी की सांसद अब नुपुर के पक्ष में बयान दे रही हैं। बीजेपी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नुपुर का बयान देना क्या सोची समझी योजना थी?’’
मिश्रा ने कहा कि बीजेपी को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह निलंबित नेता के साथ खड़े होने के लिए ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई करेगी।


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