कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह चाहते हैं कि राज्य और केंद्र सरकार केरल के स्कूलों को मदद तथा बुनियादी ढांचा मुहैया कराने में मदद करें जहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है। वायनाड के एक स्कूल में कक्षा के भीतर सांप के काटने से पांचवीं कक्षा की एक छात्रा की मौत की घटना का हवाला देते हुए गांधी ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार को इस मुद्दे का समाधान करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि वह इस मामले को संसद में उठाएंगे और अपने विधानसभा क्षेत्र में स्कूलों की मदद के लिए सांसद निधि से संसाधन का इस्तेमाल करेंगे। गांधी ने कहा कि केरल में स्कूलों की स्थिति देश में सबसे बेहतर है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल में सांप के काटने से एक छोटी बच्ची की मौत हो गई।
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राज्य और केंद्र सरकार को ऐसे स्कूलों को मदद तथा बुनियादी ढांचा मुहैया कराना चाहिए। गांधी ने अपने वायनाड लोकसभा क्षेत्र के वंडूर में एक स्कूल में विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन करने के बाद छात्रों को संबोधित किया और उनसे दिमाग खुला रखने तथा अन्य के विचारों के प्रति ग्रहणशील बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘आपका दिमाग बंद नहीं रहना चाहिए। इसका मतलब है कि आपको दूसरों को सुनना होगा…आप वास्तव में वैज्ञानिक सोच वाले व्यक्ति तभी हो सकते हैं जब अन्य लोगों के विचारों के प्रति खुले और जिज्ञासु हों।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि किसी को भी कोई ऐसा बच्चा नहीं मिलेगा जो अन्य के प्रति घृणा पैदा करता हो, क्योंकि बच्चे वैज्ञानिक प्रकृति के होते हैं। उन्होंने कहा कि घृणा और क्रोध इस वैज्ञानिक स्वभाव के सबसे बड़े दुश्मन हैं।
गांधी ने छात्रों से प्रयोगशाला के उपयोग को सफल बनाने का अनुरोध करते हुए कहा कि कुछ छात्र राजनीति में आ सकते हैं, कुछ डॉक्टर, वकील तथा कुछ और बन सकते हैं लेकिन आपको अपने अंदर की वैज्ञानिक प्रवृत्ति को घृणा के हाथों कभी नहीं मरने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य लोगों के विचारों की सराहना करना विज्ञान की नींव है। गांधी के भाषण का स्कूल के एक छात्र ने मलयालम भाषा में अनुवाद किया।


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