Ranchi News: मुहर्रम जुलूस में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस पूरी तरह से अलर्ट, दो हजार फोर्स की तैनाती

Summary :

मोहर्रम का जुलूस रांची में 29 जुलाई को निकाला जाएगा। बता दें जुलूस में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। चौक-चौराहों पर अभी से ही पुलिस की तैनाती कर दी गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दो हजार अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की जाएगी।

मोहर्रम का जुलूस रांची में 29 जुलाई को निकाला जाएगा। बता दें जुलूस में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। चौक-चौराहों पर अभी से ही पुलिस की तैनाती कर दी गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दो हजार अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की जाएगी। 
बता दें इसमें जिला बल, जैप, रैफ, सैफ, आइआरबी आदि शामिल है। शहर में लगे सीसीटीवी कैमरा से पूरे जुलूस की निगरानी की जाएगी। जुलूस की मॉनेट्रिंग कंट्रोल रूम से होगी। इसके लिए कंट्रोल रूम में भी जवानों की तैनाती रहेगी। एसएसपी ने सभी कैमरों को दुरुस्त करने का भी निर्देश दिया है।
अखाड़ाधारियों से लाइसेंस लेकर उसका सत्यापन किया करें
एसएसपी किशोर कौशल ने हिंदपीढ़ी, लोअर बाजार, चुटिया, डोरंडा, लालपुर, बरियातू समेत अन्य थाना के थानेदारों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे प्रतिदिन इलाके में गश्त लगाएं। जिन इलाकों में जुलूस निकाला जा रहा है, वहां हर रोज जायजा लें। अखाड़ाधारियों से लाइसेंस लेकर उसका सत्यापन किया करें। बिना लाइसेंस वाले अखाड़ा को किसी भी हाल में नहीं निकलने दिया जाए। एसएसपी ने थानेदारों को माहौल खराब करने वालों को तुरंत हिरासत में लेने का निर्देश दिया है।एसएसपी ने कहा है कि फ्लाइओवर का निर्माण होने की वजह से ओवरब्रिज की सड़कें खराब और संक्रिर्ण हो गयी है। उन्होंने डोरंडा के लोगों से अपील की है कि वे इस साल जुलूस लेकर मेन रोड पर नहीं आएं। इससे उन्हें आने और जाने में परेशानी होगी। इसके अलावा शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ेगा। बता दें कि डोरंडा से मुहर्रम का जुलूस मेन रोड उर्दू लाइब्रेरी तक हर साल आता है। इसके बाद जुलूस वहां से वापस डोरंडा की ओर चला जाता है।
 शांति समिति की बैठक आयोजित करने का निर्देश 
दरअसल, मुहर्रम को लेकर पटना में पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गई है। जिसको लेकर पटना के डीएम डॉ. चन्द्रशेखर सिंह एवं एसएसपी राजीव मिश्रा ने बैठक बुलाई। इसमें बिना लाइसेंस के जुलूस निकाले जाने को लेकर पाबंदी लगाई गई है। प्रशासन की संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रहेगी। इसके साथ ही जिलाधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों सहित सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को सभी स्टेक होल्डर्स के साथ सार्थक संवाद करने और समय से शांति समिति की बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। 

Desk Team