महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि सर्वदलीय बैठक में पूर्वोत्तर समुदाय को नया स्वरूप देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रभावित अन्य कोटा में शिंदे के साथ चल रहे मुद्दे को हल करने के लिए सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसके बाद कल देर रात मीडिया समर्थकों से बात कर रहे थे। शिंदे ने कहा है कि सर्वदलीय बैठक में सर्वसम्मति से मराठा समुदाय को आरक्षण प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे अन्य समुदायों का कोटा प्रभावित नहीं होगा शिंदे मराठा आरक्षण के चल रहे मुद्दे को हल करने के लिए अपनी अध्यक्षता में सह्यूद्री गेस्ट हाउस में आयोजित सर्वदलीय बैठक के बाद कल देर रात मीडिया कर्मियों से बात कर रहे थे।
ठोस कदम उठाए जा रहे हैं
गौरतलब है कि मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मराठा कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल पिछले 14 दिनों से जालना जिले में भूख हड़ताल पर हैं। शिंदे ने कहा कि मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाने के लिए राज्य की सभी पार्टियां एकजुट हैं और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसलिए सभी दलों के प्रतिनिधियों ने जारांगे पाटिल से अनशन वापस लेने का अनुरोध किया है।
आरक्षण कैसे दिया जा सकता है
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि इस आंदोलन के दौरान मराठा कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी गई है। शिंदे ने कहा कि सरकार मराठा आरक्षण के लिए बहुत गंभीरता से प्रयास कर रही है और यह देखा जाएगा कि अदालत में बिना किसी समझौते के आरक्षण कैसे दिया जा सकता है। ऐसा करते समय अन्य समुदायों के साथ अन्याय न हो, इसलिए उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि अन्य समुदायों को आंदोलन का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए।
शिंदे ने कहा कि बैठक में मौजूद नेताओं ने भी राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से सहमति जताई और अपने सुझाव पेश किए।


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