झारखंड की त्रिकूट पहाड़ी पर करीब 2000 फिट की ऊंचाई पर 48 ज़िंदगियां झूल रही हैं। रविवार शाम को 5:00 बजे त्रिकूट रोपवे की कई ट्रॉलियां आपस में टकरा गईं। जिसकी वजह से लोग वहीं फंस गए। घटना में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। देर रात से जारी रेस्क्यू अभियान में सोमवार सुबह से सेना के हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं।
घटनास्थल के पास सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा है। एनडीआरएफ की टीम ने रविवार रात को रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था और लगभग दो दर्जन लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। रात होने की वजह से ऑपरेशन बंद करना पड़ा। सोमवार सुबह से सेना के हेलीकॉप्टर ट्रॉलियों में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटे हुए हैं। इन लोगों तक एक खाली ट्रॉली के जरिए बिस्किट और पानी के पैकेट पहुंचाए गए हैं। स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे, जिले के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री सहित कई आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।

देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की एक टीम को बचाव अभियान के लिए मौके पर तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग भी बचाव अभियान में एनडीआरएफ की मदद कर रहे हैं। उपायुक्त ने लोगों से अफवाह न फैलाने की अपील करते हुए कहा, ”स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। कुछ लोग अभी भी रोपवे में केबल कारों में फंसे हुए हैं और उन्हें बचाया जा रहा है। सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है।
बता दें कि रविवार शाम लगभग 5 बजे देवघर के त्रिकूट पर्वत पर रोपवे का एक तार टूट जाने की वजह से यह हादसा हुआ। इस हादसे की वजह से मरने वाली महिला की पहचान सुरा गांव निवासी 40 वर्षीय महिला सुमति देवी के रूप में हुई है। घायलों में असम के कोकराझार निवासी भूपेंद्र वर्मा व उसकी पत्नी दीपा वर्मा, जामताड़ा जिला के करमाटांड़ निवासी रूपा कुमारी, सोनी देवी, गिरिडीह के करमाटांड़ निवासी गोविंद भगत, बिहार के दरभंगा अंतर्गत लहरियासराय निवासी खुशबू रानी, सुधा रानी और एक बालक घायल हैं। घायलों में अज्ञात बालक के साथ एक महिला की स्थिति गंभीर बतायी जा रही है।


Download Android App
Download iOS App



