मध्यप्रदेश में हो रहे 28 विधानसभा के उपुचनावों के प्रचार में भाजपा तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच कड़वे शब्दों की बौछारें तेज होती जा रही हैं। इसके तहत भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ पर उनके लिये कथित रूप से ‘‘कुत्ता’’ शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। हालांकि, कांग्रेस प्रवक्ता ने भोपाल में इस बात से इंकार किया और कहा कि कि कमलनाथ ने कभी भी अपने भाषण में सिंधिया के लिये इस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है।
सिंधिया ने शनिवार को अशोकनगर से 20 किलोमीटर दूर शाडोरा कस्बे में एक चुनावी सभा में कहा, ‘‘कमलनाथ जी ने कहा कि मैं कुत्ता हूं। हां, कमलनाथ जी मैं कुत्ता हूं, मेरी मालिक जनता है। हां, कमलनाथ जी मैं कुत्ता हूं क्योंकि कुत्ता अपने मालिक की रक्षा करता है। क्योंकि अगर कोई मालिक को ऊंगली दिखाए, विनाशकारी नीति और भ्रष्टाचार दिखाए तो कुत्ता उसे कटेगा। मुझे गर्व है कि मैं अपनी जनता का कुत्ता हूं।
भाजपा सांसद के इस भाषण के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें सिंधिया दर्शकों से पूछते दिख रहे हैं कि कमलनाथ अशोक नगर कब आये। उत्तर में लोगों ने बताया कि कमलनाथ अशोक नगर में कल (शुक्रवार) को आये थे। हालांकि कमलनाथ के मीडिया संयोजक नरेन्द्र सलूजा ने ‘पीटीआई —भाषा’ को बताया कि प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने कभी भी सिंधिया या किसी अन्य नेता के लिये इस तरह के शब्द का इस्तेमाल नहीं किया।
सलूजा ने कहा, ‘‘कमलनाथ ने अपने भाषणों में कभी भी किसी के लिये इस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है। सिंधिया स्वयं को वफादार, धोखेबाज या विश्वासघात करने वाला कुत्ता कहने के लिये स्वतंत्र हैं।’’ इस बीच, खबरों के अनुसार कांग्रेस के स्टार प्रचारक आचार्य प्रमोद कृष्णम ने शुक्रवार को अशोक नगर में एक चुनावी रैली में कमलनाथ की मौजूदगी में अपने भाषण में बिना किसी का नाम लिये ‘‘कुत्ता ’’ शब्द का इस्तेमाल किया था।
कृष्णम ने कहा था कि जब कमलनाथजी मुख्यमंत्री बने थे तो माफियाओं पर कार्रवाई कर रहे थे, तब अशोकनगर के तत्कालीन विधायक का भी नाम आया था। तब जैसे कुत्ता अपने पिल्ले की रक्षा करता है, वैसे ही किसी ने इनकी भी रक्षा की थी । मालूम हो कि प्रदेश में उपचुनाव के प्रचार के दौरान ग्वालियर जिले के डबरा कस्बे की आम सभा में दलित समुदाय की भाजपा नेता इमरती देवी पर कथित अभद्र टिप्पणी के बाद से 73 वर्षीय कांग्रेस नेता कमलनाथ राज्य में सत्तारुढ़ भाजपा के नेताओं के निशाने पर चल रहे हैं। भाजपा ने इसके खिलाफ चुनाव आयोग को शिकायत दर्ज कराई थी।
चुनाव आयोग ने उपचुनाव के लिए प्रचार करते हुए आदर्श आचार संहिता का बार-बार उल्लंघन करने के चलते कांग्रेस नेता एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ‘स्टार प्रचारक’ का दर्जा शुक्रवार को रद्द कर दिया है।


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