रुद्रप्रयाग : बीते रोज ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर चौड़ीकरण और पुश्ता निर्माण कार्य के दौरान बांसवाड़ा के पास चट्टान टूटने से सात मजदूरों की मलबे में दबने से मौत हो गई थी। तीन मजदूर घायल हो गए थे, मामले में कार्यदायी कंपनी, सुपरवाइजर, ठेकेदार और पोकलैंड चालक के खिलाफ ऊखीमठ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सभी मृतक और घायल जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले से संबंध रखते हैं। रुद्रप्रयाग में ऑल वेदर रोड के कार्य के दौरान हुये हादसे के बाद शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया। दर्दनाक हादसे के बाद जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। कार्रवाई करते हुये लापरवाही, उपेक्षापूर्ण रवैया की धाराओं 337, 338 व 304 ए में मामला दर्ज किया गया है।
घटनास्थल पर कुल 23 मजदूर कार्य कर रहे थे, जिनमें 12 मजदूरों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। एसपी अजय सिंह ने बताया कि जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है साथ ही सुपरवाइजर से भी सवाल जवाब किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त सुपरवाइजर मौके पर मौजूद नहीं था। यहां तक कि उसे ये भी नहीं पता कि कुल कितने मजदूर वहां काम कर रहे थे।
दोषी को मिलेगी सख्त सजा
हादसे पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने भी कहा है कि जिला प्रशासन हरसंभव मदद कर रहा है। सरकार की ओर से जिला प्रशासन से पूरी जानकारी ली जा रही है।
जांच के आदेश दिये गए हैं, जो भी दोषी होगा उसे सख्त सजा दी जाएगी। बता दें कि इन दिनों केदारनाथ हाई-वे पर ऑल वेदर सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है जहां पर जेसीबी मशीन द्वारा कटिंग का कार्य चल रहा है। कटिंग के कार्य में लगी जेसीबी मशीन सहित कई मजदूर काम में लगे थे।
दिन के समय तकरीबन 1:00 बजे भीरी के पास की पहाड़ी धड़क कर मजदूरों के ऊपर आ गिरी, जिसमें 7 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। एक मजदूर की हालत गंभीर बताई जा रही है।


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