उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता राम नाईक ने महाराष्ट्र में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के सरकार बनाने को ‘‘अनैतिक’’ बताया है। उन्होंने कहा कि जनादेश चुनाव पूर्व बने भाजपा-शिवसेना गठबंधन के पक्ष में था, फिर भी जो पार्टिंया संख्याबल में कम थीं वे आखिरकार सत्ता में आईं।
मुख्यमंत्री पद साझा करने के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के अपनी चुनाव पूर्व सहयोगी भाजपा से अलग होने के बाद शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने ‘महा विकास आघाडी’ (एमवीए) की सरकार बनाई है। चुनाव के नतीजे आने के एक महीना से अधिक समय बाद बृहस्पतिवार को ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अक्टूबर में हुए चुनाव में भाजपा 105 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने क्रमश: 56, 54 और 44 सीटें जीतीं।
नाईक ने कल्याण में शुक्रवार रात को एक कार्यक्रम से इतर कहा, ‘‘लोगों के जनादेश के अनुसार भाजपा ने सबसे अधिक सीटें जीतीं जिसके बाद शिवसेना का स्थान था। दोनों पार्टियों में चुनाव पूर्व गठबंधन हुआ था। इसलिए स्वाभाविक है कि उन्हें सरकार बनानी चाहिए थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह नहीं हो पाया। जिन्होंने सबसे कम सीटें जीतीं और जो इससे पहले यह कहते थे कि वे विपक्ष में बैठेंगे, अब वही एक साथ मिलकर सरकार बनाने के लिए आगे आए हैं। जो भी हुआ वह अनैतिक है।’’ नाईक यहां एक व्याख्यान देने के लिए आए थे।


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