शिवसेना ने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को बताया महाभारत के युद्ध से भी मुश्किल

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शिवसेना ने कहा कि महाभारत का युद्ध भी 18 दिन तक चला था। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया था कि हम 21 दिन में कोविड-19 के खिलाफ इस जंग को जीत लेंगे। लेकिन अब 100 दिन से ऊपर हो गए हैं और कोरोना वायरस अब भी है और जो इससे लड़ रहे हैं वे थक चुके हैं।

शिवसेना ने कोरोना के खिलाफ जंग को महाभारत के युद्ध से भी ज्यादा मुश्किल बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना पर लिया। शिवसेना ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया था कि कोविड-19 के खिलाफ जंग 21 दिनों में जीत ली जाएगी लेकिन अब 100 दिन से ऊपर हो गए हैं और संकट जस का तस बना हुआ है।
शिवसेना के मंगलवार को मुखपत्र ‘सामना’ में कहा गया कि कोविड-19 के खिलाफ जंग महाभारत के पौराणिक युद्ध से ज्यादा मुश्किल है। साथ ही कहा कि वैश्विक महामारी के खिलाफ जंग 2021 तक चलेगी क्योंकि बीमारी का टीका उससे पहले उपलब्ध नहीं हो पाएगा। 
पार्टी ने विश्व में कोविड-19 के सबसे ज्यादा मामलों के लिहाज से भारत के तीसरे नंबर पर आने को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उसने कहा कि 24 घंटे में 25,000 से ज्यादा कोविड-19 के मामले सामने आना, देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण एवं गंभीर बात है जो आर्थिक महाशक्ति बनने का सपना देख रहा है।

महाराष्ट्र में कोरोना के 5,368 नए मामले आये सामने, 204 और मरीजों की मौत

संपादकीय में कहा गया कि मामलों की संख्या के लिहाज से हमने रूस को पीछे छोड़ दिया है। अगर मामले इसी तरह बढ़ते रहे तो इस दुर्भाग्यपूर्ण क्षेत्र में हम नंबर एक पर आ जाएंगे। शिवसेना ने कहा कि महाभारत का युद्ध भी 18 दिन तक चला था। प्रधानमंत्री मोदी ने भरोसा जताया था कि हम 21 दिन में कोविड-19 के खिलाफ इस जंग को जीत लेंगे। लेकिन अब 100 दिन से ऊपर हो गए हैं और कोरोना वायरस अब भी है और जो इससे लड़ रहे हैं वे थक चुके हैं।
पार्टी ने कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित, ठाणे जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में मरीज बड़े पैमाने पर ठीक हो रहे हैं लेकिन राज्य के कुछ इलाकों में स्थिति बेचैन करने वाली है। शिवसेना ने कहा कि कई नेता, जन प्रतिनिधि, पुलिसकर्मी, स्वास्थ्य कर्मी और अन्य प्रशासक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं और यह देश और राज्यों के लिए अच्छी बात नहीं है।
उसने कहा, “कोरोना वायरस रहेगा ही और हमें इसके साथ जीना पड़ेगा..कोरोना वायरस के लिए टीका 2021 से पहले उपलब्ध नहीं होगा…इसका मतलब है कि हमें तब तक कोरोना वायरस के साथ रहना पड़ेगा।” किसी पार्टी या व्यक्ति का नाम लिए बिना, शिवसेना ने कहा कि सवाल उठाए जा रहे हैं कि लॉकडाउन कब तक जारी रहेगा। 
मराठी दैनिक ने कहा कि लेकिन जब आप दरवाजा खोलते हैं (प्रतिबंधों में ढील) तो “कोरोना वायरस का खतरा” सिर पर मंडरा रहा होता है। शिवसेना ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कुछ हद तक लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील दी है लेकिन खतरा अब भी टला नहीं है।

Desk Team