सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ हड़ताल , प्रदर्शन में 1 की मौत

Summary :

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 10 वर्ष से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी थी।

सबरीमाला में भगवान अयप्पा के मंदिर सबरीमाला में दो महिलाओं के प्रवेश के विरोध में हिंदू संगठनों द्वारा सुबह से शाम तक 12 घंटे की हड़ताल सुबह शुरू हो गई। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, राज्य की राजधानी में ऑटो रिक्शे और दोपहिया वाहन रेलवे स्टेशन और अन्य स्थानों पर पर आते जाते दिखाई दिए, लेकिन कोझिकोड में सुबह प्रदर्शनकारियों ने कई जगह वाहनों को रोका और टायर जलाए।

इसी प्रदर्शन में घायल हुए 55 वर्षीय चंदन उन्नीथन की मौत हो गई। वही सबरीमाला में प्रदर्शन कर रहे 5 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, इनपर महिला पुलिसकर्मी पर हमला करने का आरोप था। जबकि दो सीपीआईएम के कार्यकर्ताओं को भी कस्टडी में लिया गया है। यह हड़ताल विभिन्न हिंदुत्ववादी समूहों के एक संयुक्त संगठन ‘सबरीमला कर्म समिति’ द्वारा बुलाई गई है, जो सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहा है।

बीजेपी बंद का समर्थन कर रही है जबकि कांग्रेस-नीत यूडीएफ गुरुवार को ‘काला दिवस’ मना रहा है। गौरतलब है कि रजस्वला आयु वर्ग की दो महिलाओं कनकदुर्गा (44 वर्ष) और बिंदू (42 वर्ष) ने हिन्दूवादी संगठनों की तमाम धमकियों की परवाह न करते हुए बुधवार तड़के भगवान अयप्पा के सबरीमला मंदिर में प्रवेश कर सदियों पुरानी परंपरा तोड़ दी।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 10 वर्ष से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी थी। राज्य के डीजीपी लोकनाथ बेहरा ने हड़ताल के दौरान हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

Desk Team