Tamil Nadu Rajbhwan on Govt Formation : तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर पेंच फंसता जा रहा है. TVK के पास बहुमत का जादुई आंकड़ा नहीं है. उसे 10-11 विधायकों की और जरूरत है. ऐसे में राज्यपाल से विजय को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, राजभवन ने कहा है कि जिस भी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 विधायकों का समर्थन होगा, उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा.
इस बीच थलापति विजय की पार्टी के समर्थक चेन्नई में लोक भवन के बाहर राज्यपाल आरवी अर्लेकर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. जानकारी है कि कुछ प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिया गया है. राजभवन का कहना है कि सरकार बनाने का दावा करने वाली किसी भी पार्टी से समर्थन संबंधी जानकारी मांगना सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है. राज्यपाल ने एक दिन पहले भी विजय से यही जानकारी मांगी थी. हालांकि, परंपरा के अनुसार, राज्यपाल द्वारा सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने और सदन में अपना बहुमत साबित करने के लिए आमंत्रित किया जाता है.
कांग्रेस का राज्यपाल पर आरोप
तमिलनाडु कांग्रेस ने राज्यपाल पर लोकतंत्र को कमजोर करने और विधानसभा चुनावों में जनता के जनादेश को विकृत करने का आरोप लगाया है. पार्टी ने कहा, ‘राज्यपाल, शासन मत कीजिए, लोकतंत्र को नष्ट मत कीजिए. सरकारें विधानसभा में बनती हैं, राजभवन के लॉन में नहीं!’
कांग्रेस ने भाजपा और RSS पर राज्य की राजनीतिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तमिलनाडु इनके छल और राजनीतिक दावों को खारिज करता है.
तमिलनाडु में अजीबोगरीब स्थिति
बता दें, तमिलनाडु में अजीबोगरीब स्थिति बन चुकी है. TVK के 108 विधायक हैं, जिसमें से खुद विजय 2 सीटों पर लड़ कर जीती है, यानी एक सीट तो उन्हें छोड़नी होगी. उन्हें 118 पर अपना बहुमत साबित करना है, उन्हें कांग्रेस ने समर्थन दे दिया है मगर कांग्रेस के समर्थन से भी सरकार बनाना उनके लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. उन्हें अन्य छोटी पार्टियों का साथ चाहिए होगा.
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