आंध्र प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता एन चंद्रबाबू नायडू सोमवार को रेनीगुंटा में तिरुपति हवाईअड्डे के आगमन लाउंज में धरने पर बैठ गए। पुलिस उन्हें शहर में प्रवेश से रोकने के लिये हिरासत में लेना चाह रही थी।
तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों से बहस की और यह जानना चाहा कि उन्हें तिरुपति और चित्तूर जाने से क्यों रोका जा रहा है। हैदराबाद से तिरुपति हवाईअड्डे पहुंचे नायडू स्थानीय निकाय के प्राधिकारियों की ‘ज्यादती’ के खिलाफ तिरुपति में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने आए थे।
पुलिस ने हालांकि (शहरी स्थानीय निकाय) चुनावों के कारण लागू आदर्श आचार संहिता और कोरोना वायरस महामारी की वजह से प्रदर्शन की इजाजत देने से इनकार कर दिया था। तिरुपति नगर निगम के अधिकारियों ने रविवार को कथित तौर पर
तेदेपा के एक नेता की चाय की दुकान तोड़ दी थी जिसकी पत्नी 10 मार्च को होने वाले चुनावों में खड़ी है। इस घटना के विरोध में तेदेपा ने नायडू के नेतृत्व में प्रदर्शन का फैसला किया था। प्रदर्शन की इजाजत न होने पर तिरुपति अर्बन पुलिस ने हवाई अड्डे पर तेदेपा अध्यक्ष को हिरासत में लेना चाहा।
इस पर नाराज नायडू ने पुलिस अधिकारियों से पूछा, “मैं 14 सालों तक मुख्यमंत्री रहा और अब नेता विपक्ष हूं। क्या मुझे प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं है? मैं जाकर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से क्यों नहीं मिल सकता?” इसके बाद नायडू एयरपोर्ट लाउंज में ही जमीन पर बैठ गए।
इससे पहले तिरुपति और चित्तूर में नायडू के दौरे से पहले पुलिस ने जिले के प्रमुख तेदेपा नेताओं को नजरबंद कर दिया था।


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