पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस के उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा और राज्य के मंत्री सुब्रत मुखर्जी की अगुवाई में पार्टी के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को चुनाव आयोग से मुलाकात की और कुछ मतदान केन्द्रों में केन्द्रीय पुलिस बलों द्वारा कथित तौर पर भाजपा के पक्ष में भेदभाव किए जाने की शिकायत की।
सिन्हा ने मुख्य चुनाव अधिकारी आरिज आफताब से मुलाकात के बाद संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली से निर्देश दे कर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा,‘‘ हमने चुनाव आयोग को बताया कि विधानसभा चुनाव के पहले दो चरण में कई बूथों पर केन्द्रीय बलों की भूमिका भेदभाव पूर्ण रही है। भाजपा द्वारा हमारी पार्टी के सहयोगियों पर हमले की और हिंसा की घटनाएं हुईं हैं। हमने चुनाव आयोग से कहा कि वे इस बात का संज्ञान लें कि आगे के छह चरण में इस प्रकार की घटनाएं फिर से न हों।’
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी बृहस्पतिवार को नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में तैनात केन्द्रीय बलों पर भगवा दल की मदद करने का आरोप लगाया था। इस सीट पर उनका मुकाबला एक वक्त सहयोगी रहे लेकिन अब भाजपा में शामिल शुभेंदु अधिकारी से है। सिन्हा ने कहा, ‘‘ केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह उनकी पार्टी का विरोध करने वाले लोगों को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के रोक कर जनता का मत भाजपा के पक्ष में लाने के लिए जो कर सकते हैं, सब कर रहे हैं। इसे रोकना होगा ।’’
राज्य में पहले चरण के मतदान के बाद भाजपा को बहुमत मिलने संबंधी प्रधानमंत्री के ट्वीट पर उन्होंने कहा, ‘‘ दूसरे चरण के बाद हमें प्रधानमंत्री का ऐसा कोई ट्वीट देखने को नहीं मिला। हम एक बार फिर उनके ट्वीट का इंतजार कर रहे हैं।’’
पूर्ववर्ती वाजपेयी सरकार में वित्त एवं विदेश मंत्रालय का जिम्मा संभाल चुके सिन्हा ने दावा किया कि (चुनाव प्रक्रिया में) भाजपा के हस्तक्षेप और उकसावे के बावजूद तृणमूल कांग्रेस को एकतरफा जीत मिलेगी। राज्य सरकार में मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने अपनी पार्टी की जीत का दावा करते हुए कहा, ‘‘ मैं 50 वर्ष से चुनाव देखता आ रहा हूं ,लेकिन मैंने चुनाव प्रक्रिया में इस प्रकार का जबरदस्त हस्तक्षेप पहले नहीं देखा।’’


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