ऋषिकेश : जीरो जोन व्यवस्था को बनाने में जुटी पुलिस हैवी वाहनों को शहर में घुसने से रोकने में नाकाम होती दिख रही है। शहर में इन दिनों फिर से भारी वाहनों की आमद बढ़नी शुरू हो गई है। जिसकी वजह से जाम फिर से लगना शुरू हो गया है। इन दिनों देखने में यह आ रहा है कि मुख्य मार्गो पर भी भारी वाहनों को नहीं रोका जा रहा, जोकि शहर से होकर गुजर रहे हैं।
दोपहर के वक्त इन दिनों प्रतिदिन जाम लगता है, कुछ असे पूर्व तक अन्य मार्गों पर भी भारी वाहन रोके जा रहे थे, जिससे जाम से निजात काफी हद तक मिल गई थी। तीर्थनगरी में सबसे ज्यादा जाम दोपहर के वक्त लगता है, लेकिन इन दिनों यह देखने में आ रहा है कि सुबह 10-11 बजे से ही यातायात बाधित होने लगता है और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, जिनमें बड़े वाहन ज्यादा होते हैं।
देखने में आ रहा है कि भारी वाहनों को रोकने की कवायद पुलिस कर्मी नहीं कर रहे। अगर ऐसा होता तो सुबह नौ बजे से लेकर 12 बजे तक शहर के मुख्य मार्गो पर जाम नहीं लगता। दरअसल शहर की ओर से आने वाले भारी वाहनों के चालकों को यह पता होता है कि सुविधा शुल्क के जरिए नो ऐन्ट्री में भी उनकी ऐन्ट्री हो जायेगी और होता भी कुछ ऐसा ही है।
हरे नोटों की पत्ती देखते ही ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के दिल पिघल जाते हैं और इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है जाम झेलने वाले आम आदमी को। चूंकि शहर में ट्रैफिक ज्यादा रहता है, इस कारण जब यह वाहन दाखिल होते हैं तो जाम लगना शुरू हो जाता है।


Download Android App
Download iOS App



