त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में है। उन्होंने दावा किया है कि बतखों के तैरने से पानी में ऑक्सीजन बढ़ती है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वह पूरे राज्य के ग्रामीणों में बतख वितरित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बत्तख न सिर्फ पानी को रिसाइकल करते हैं बल्कि उनके तैरने से जल निकायों में ऑक्सीजन का लेवल भी बढ़ता है। सीएम देब ने बताया कि जब बत्तख पानी में होते हैं तो पानी में ऑक्सीजन रिसाइकल हो जाता है।
इसके साथ ही मछलियों को अधिक मात्रा में ऑक्सीजन मिलता है जिसका फायदा बत्तखों को भी मिलता है। नीरमहल के आसपास बनी कृत्रिम झील रुद्र सागर में नौका दौड़ की शुरुआत के अवसर पर यह बात बिप्लब कुमार देब ने कही। बिप्लब देब ने कहा कि वह इस झील के किनारे रहने वाले मछुआरों को 50,000 बतखों के बच्चे वितरित करेंगे। यही नहीं, बाद में पूरे त्रिपुरा के ग्रामीणों में बतखों के बच्चे वितरित किए जाएंगे।
जलाशयों आदि के पास स्थित टूरिस्ट केंद्रों में खासतौर से यह वितरण किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक सौंदर्य में बढ़ोतरी हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आए। देब ने कहा, ‘जब बतख पानी में तैरते हैं, तो जलाशय में ऑक्सीजन का स्तर अपने आप बढ़ जाता है। इससे ऑक्सीजन रिसाइकिल होता है। पानी में रहने वाली मछलियों को ज्यादा ऑक्सीजन मिलता है। इस तरह मछलियां तेजी से बढ़ती हैं और ऑर्गनिक तरीके से मत्स्यपालन को बढ़ावा मिलता है।


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