Udhayanidhi Stalin Sanatan Remark: तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने फिर से सनातन धर्म को ख़त्म करने की बात कही है। मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) नेता उदयनिधि स्टालिन ने विपक्ष के नेता के रूप में अपना पहला भाषण दिया। अपने इस भाषण में उन्होंने कहा कि ‘सनातनम, जो लोगों को बांटता है, उसे खत्म होना चाहिए।’ इसके अलावा राज्य के पारंपरिक गीत ‘तमिल थाई वजथु’ के सम्मान को लेकर भी नई सरकार को कड़ा संदेश दिया।
भाजपा ने दी तीखी प्रतिक्रिया
उदयनिधि स्टालिन विवादित बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है और भाजपा ने इसपर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता सीआर केसवन ने उदयनिधि पर हमला बोलते हुए इसे विभाजनकारी राजनीति और जहरीला बयान बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी बातों से आस्था और भावनाओं का अपमान होता है, जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।
पहले भी दिए थे ऐसे विवादित बयान
ऐसा पहली बार नहीं है कि उदयनिधि स्टालिन ने सनातम धर्म पर ऐसा बयान दिया हो, वह पहले भी ऐसा जहर उगल चुके है। उन्होंने 2023 में कहा था कि ‘सनातन धर्म का सिर्फ विरोध नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इसे डेंगू, मलेरिया और कोरोना की तरह जड़ से खत्म कर देना चाहिए।’ उनके इस बयान के बाद देशभर में हंगामा हुआ था।
मुख्यमंत्री विजय के साथ सहयोग की इच्छा जताई
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने विधानसभा में कहा कि वह मुख्यमंत्री विजय के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता और विपक्ष को मिलकर राज्य के विकास के लिए काम करना चाहिए।
शपथ ग्रहण समारोह में वंदे मातरम पर जताई आपत्ति
इसके अलावा उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह में हुई एक विशेष घटना पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के राज्य गीत को कभी पीछे नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने नई सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, ‘शपथ ग्रहण समारोह में जो हुआ वह एक गलती थी और आपको इस विधानसभा में ऐसा दोबारा होने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।’
उन्होंने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु में आयोजित होने वाले किसी भी सरकारी कार्यक्रम में तमिल थाई वजथु’ को हमेशा पहला स्थान दिया जाना चाहिए।


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