मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले राज्य के वन मंत्री उमंग सिंघार ने आज फिर उन पर हमला बोलते हुए दिग्विजय पर गंभीर आरोप लगाए। उमंग सिंघार ने यहां मीडिया से कहा कि दिग्विजय सिंह जिस प्रकार सरकार पर दबाव बना रहे हैं, उन्होंने उस दबाव को दूर करवाने के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है।
उमंग सिंघार ने दावा किया कि उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आज मुख्यमंत्री कमलनाथ से भी मिलने का समय मांगा है। सिंघार ने कहा कि उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को कल पत्र लिखा है। उन्होंने सोनिया गांधी से आग्रह किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय जिस प्रकार सरकार पर दबाव बनाते हैं, उस दबाव को खत्म कराया जाए। उमंग सिंघार का आरोप है कि दिग्विजय सिंह ब्लैकमेल भी करते हैं।
छत्तीसगढ़ : चुनाव आयोग को गलत जानकारी देने के मामले में पूर्व CM अजीत जोगी के बेटे अमित गिरफ्तार
वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के नजदीकी माने जाने वाले आदिवासी नेता सिंघार नेदिग्विजय पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि वे‘पावर सेंटर’के तौर पर विभाग चला रहे हैं, कलेक्टर और कमिश्नर जैसे अधिकारियों के स्थानांतरण कराते हैं, खुद बैठकें लेते हैं और बच्चों सरीखी जिद करते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि दिग्विजय अपनी बयानबाजी से कांग्रेस का नुकसान कराते हैं। इस बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ आज यहां पर राज्य मंत्रालय पहुंच गए हैं।
वन मंत्री उमंग सिंघार ने कहा किदिग्विजय सिंह को अगर कोई परेशानी है तो वे कांग्रेस परिवार में बैठ कर बात करें। उन्होंने कहा कि दिग्विजय ने मंत्रियों को लिखी अपनी चिट्ठी को वायरल कर पार्टी को ब्लैकमेल करना शुरु किया। इस वजह से उन्होंने दिग्विजय सिंह को उन्हीं की भाषा में जवाब देना शुरु किया है।
उन्होंने कहा कि ये सब बातें वे मुख्यमंत्री कमलनाथ के संज्ञान में भी लाएंगे। उन्होंने दिग्विजय पर पूरे भारत में ध्रुवीकरण करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उसके पीछे इनका क्या लालच है, वे ही बता सकते हैं। उमंग सिंघार ने कहा कि वे इस पूरे मसले पर सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। दिग्विजय कब तक कांग्रेस को डराएंगे, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। वन मंत्री ने दावा किया कि दिग्विजय सिंह ने अपने लिखे पत्र को वायरल करके ये बताने की कोशिश की है कि वे ‘शैडो सीएम’ हैं।
इसके पहले राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी सी शर्मा ने आज कहा था कि उमंग सिंघार स्वयं पार्टी की प्रदेश इकाई की अध्यक्ष की दौड़ में थे और आला नेताओं का नाम आगे आने के चलते वे दौड़ में पिछड़ गए और यही बात उनके बयानों में छलक रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद की कोई चाह नहीं है और वे इसकी दौड में भी नहीं हैं।


Download Android App
Download iOS App



