हिमाचल के गांवों को मिलेगा नया जीवन, VB-G Ram Ji योजना से मिलेगा 125 दिन का पक्का रोजगार

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VB-G Ram Ji Scheme: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ग्रामीण भारत के लिए एक नई और दूरदर्शी योजना शुरू की है। संसद के शीतकालीन सत्र में पारित विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी–जी राम जी अधिनियम 2025, गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। VB-G Ram Ji Scheme: केवल रोजगार नहीं, गांवों का समग्र विकास लक्ष्य डॉ. बिंदल ने बताया कि यह योजना सिर्फ रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार को…

VB-G Ram Ji Scheme: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ग्रामीण भारत के लिए एक नई और दूरदर्शी योजना शुरू की है। संसद के शीतकालीन सत्र में पारित विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी–जी राम जी अधिनियम 2025, गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

VB-G Ram Ji Scheme: केवल रोजगार नहीं, गांवों का समग्र विकास लक्ष्य

डॉ. बिंदल ने बताया कि यह योजना सिर्फ रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार को गांव के विकास से जोड़ा गया है। इसके तहत गांव की जरूरतों के अनुसार विकास कार्य होंगे और उन्हीं कार्यों से रोजगार मिलेगा, जिससे ग्रामीण जीवन में स्थायी बदलाव आएगा।

Himachal News: मनरेगा से आगे की सोच है वीबी–जी राम जी योजना

उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद कई ग्रामीण रोजगार योजनाएं आईं, जिनमें 2005 में शुरू हुई मनरेगा प्रमुख रही। हालांकि मनरेगा में 100 दिन के रोजगार का प्रावधान था, लेकिन औसतन लोगों को केवल करीब 50 दिन का ही काम मिल पाया। इसी अनुभव से सीख लेते हुए नई योजना में 125 दिन की कानूनी रोजगार गारंटी दी गई है।

ग्राम सभा से पीएम गति शक्ति तक जुड़ी योजना

इस योजना के तहत गांव की ग्राम सभा विकास योजना तैयार करेगी। यह योजना ब्लॉक और जिला स्तर से होकर पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म से जोड़ी जाएगी। उसी के अनुसार विकास कार्य होंगे और रोजगार मिलेगा, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता और असर दोनों बढ़ेगा।

पूरी तरह तकनीक आधारित व्यवस्था

डॉ. बिंदल ने बताया कि वीबी–जी राम जी योजना आधुनिक तकनीक पर आधारित है। इसमें बायोमेट्रिक उपस्थिति, डिजिटल निगरानी, समय पर भुगतान और हर छह महीने में समीक्षा का प्रावधान है। यदि रोजगार या भुगतान में देरी होती है, तो लाभार्थी को मुआवजा भी दिया जाएगा।

हिमाचल को मिलेगा विशेष लाभ

फंडिंग को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए केंद्र और राज्य का खर्च अनुपात 90:10 रखा गया है, जो प्रदेश के लिए बेहद फायदेमंद है। अन्य राज्यों में यह अनुपात 60:40 है। डॉ. बिंदल ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि यूपीए सरकार के समय (2006–2014) मनरेगा पर 2.13 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए, जबकि मोदी सरकार ने 2014 से 2025 तक 8.53 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। रोजगार के मामले में भी यूपीए काल में 1660 मिलियन मैन डेज बने, जबकि एनडीए सरकार में यह संख्या बढ़कर 3210 मिलियन मैन डेज हो गई।

हिमाचल में दोगुना हुआ रोजगार

उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस शासन के दौरान 16.52 लाख मैन डेज बने थे, जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में यह बढ़कर 32.6 लाख मैन डेज हो गए, यानी रोजगार दोगुना हुआ।

चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित योजना

वीबी–जी राम जी योजना मुख्य रूप से

  • ग्रामीण बुनियादी ढांचा
  • जल संरक्षण
  • पर्यावरण संरक्षण
  • ग्रामीण आजीविका

इन चार क्षेत्रों पर काम करेगी। योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक खर्च भी 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है।

नाम नहीं, नतीजे अहम : डॉ. बिंदल

डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि कांग्रेस केवल योजना के नाम को लेकर राजनीति कर रही है, जबकि असली मुद्दा परिणाम और विकास है। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य विकसित भारत 2047 है और यह योजना उसी दिशा में एक मजबूत कदम है। अंत में उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश सरकार समय पर अपना 10 प्रतिशत योगदान नहीं देती है, तो यह ग्रामीण और गरीब विरोधी सोच को दर्शाएगा। भाजपा इस योजना को हर गांव और हर परिवार तक पहुंचाने के लिए पूरी ताकत से काम करेगी।

रिपोर्ट: विक्रांत सूद 

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।