विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने शुक्रवार को राज्य की न्यायपालिका से पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं पर संज्ञान लेने का आग्रह किया और कहा कि इन घटनाओं में काफी लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं तथा दुकानों एवं घरों को नुकसान पहुंचाया गया है।
विहिप के केन्द्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से पश्चिमी बंगाल में दो मई से प्रारंभ हुई क्रूर व वीभत्स राजनैतिक हिंसा का शिकार राज्य का हिंदू समाज आज तक हो रहा है। हम अपेक्षा करते हैं कि राज्य सरकार तुच्छ राजनीति से ऊपर उठकर लोगों पर अत्याचार एवं हमला करने वाले इन आपराधिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी।’’
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में मार्च-अप्रैल महीने में आठ चरणों में विधानसभा चुनाव हुए थे और दो मई को मतगणना हुई थी। इसमें ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस को बड़ी जीत हासिल हुई थी और भाजपा मुख्य विपक्षी पार्टी बनकर उभरी। इसके बाद प्रदेश में हिंसा की घटनाओं की खबरें आई।
विहिप नेता ने अपने बयान में आरोप लगाया कि कई दिनों से चल रही क्रूर हिंसा पर राज्य शासन-प्रशासन का रवैया पूरी तरह से तिरस्कारपूर्ण तथा उदासीनता का ही दिख रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ समाज में भय का वातावरण है। पुलिस के असहयोग के चलते पीड़ितों की शिकायतों को दर्ज नहीं करने दिया जा रहा।’’
परांडे ने कहा कि इसी रवैया को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद राज्य की न्यायपालिका से आग्रह करती है कि वह लोकहित में, नागरिकों की रक्षा के लिएमामले का स्वत: संज्ञान लेकर राज्य सरकार तथा स्थानीय प्रशासन को उनके कर्तव्यों के पालन के प्रति कठोरता से निर्देश दे। उन्होंने कहा कि दंगाइयों पर शीघ्र अंकुश लगा कर उन्हें कठोरतम सजा होनी ही चाहिए तथा हिंसा के शिकार लोगों पर लगे झूठे मुकदमे निरस्त किये जाने चाहिए।


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