Wayanad School Students Illness: केरल के वायनाड जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल के करीब 150 छात्र अचानक बीमार पड़ गए हैं। बच्चों में बुखार और उल्टी जैसी समस्याएं देखी गई हैं। कई छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है तथा बीमारी के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, , वायनाड जिले के कोइलाडी क्षेत्र में स्थित मार बेसेलियोस सरकारी सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों में पिछले कुछ दिनों से बीमारी के लक्षण दिखाई देने लगे। बच्चों को तेज बुखार, उल्टी और कमजोरी की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते बीमार छात्रों की संख्या बढ़कर लगभग 150 (150 Students Fall Sick in Wayanad) तक पहुंच गई। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से कई बच्चों की हालत सामान्य है, लेकिन 38 छात्रों को विशेष निगरानी और इलाज के लिए बाथरी तालुक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
Wayanad School Students Illness: 1 जून से दिखने लगे थे लक्षण

स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जानकारी के मुताबिक कुछ बच्चों में बीमारी के लक्षण 1 जून से ही दिखाई देने लगे थे। शुरुआत में कुछ छात्रों को हल्का बुखार और उल्टी की शिकायत हुई थी, लेकिन बाद में अन्य बच्चों में भी इसी तरह की परेशानी सामने आने लगी।
हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चे एक साथ क्यों बीमार हुए। डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच कर रहे हैं।
School Closed For one Week: स्कूल में एक सप्ताह का अवकाश घोषित

स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूल में एक सप्ताह की छुट्टी घोषित कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि इससे बीमारी के फैलने की आशंका को कम किया जा सकेगा और जांच टीम को भी काम करने में आसानी होगी।
जिला चिकित्सा अधिकारी (डीएमओ) ने कहा कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। बच्चों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
Kerala school Health Scare: टीचर भी हुए प्रभावित
इस घटना में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि स्कूल का एक टीचर भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या से प्रभावित हुआ है। शिक्षक को भी अस्वस्थ महसूस होने के बाद चिकित्सा सहायता दी गई। इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि बीमारी का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। बीमारी की वजह जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई नमूने एकत्र किए हैं।
इन्हें जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा गया है। विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बच्चों की तबीयत किसी संक्रमण, दूषित भोजन, पानी या किसी अन्य कारण से खराब हुई है। इस बीच अस्पताल पहुंचे पंचायत अधिकारियों ने बताया कि भर्ती छात्रों की स्थिति फिलहाल संतोषजनक है और अधिकांश बच्चों में सुधार देखा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने अभिभावकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और बच्चों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। फिलहाल सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे बीमारी के असली कारण का पता चल सके।
यह भी पढ़ें: बाप बना हैवान! 14 साल की बेटी के साथ बार-बार किया दुष्कर्म, देता था गर्भनिरोधक दवाइयां


Download Android App
Download iOS App




