अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर कर्नाटक सरकार ने राज्य सरकार की नौकरी कर रही महिलाओं को नवजात बच्चे की देखभाल के लिए छह माह का अवकाश देने का प्रस्ताव किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने महिलाओं से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के लिए 37,188 करोड़ रुपये के अनुदान की भी घोषणा की।
कर्नाटक विधानसभा में 2021- 22 का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने बेंगलुरु तथा अन्य शहरों में स्थित आंगनबाड़ियों को उन्नत कर शहरी कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए पालनाघर बनाने की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिला केंद्र स्थित दो प्रमुख सरकारी कार्यालयों पर इस तरह के बच्चों की देखभाल के लिए पालनाघर खोले जाएंगे। इसके साथ ही कुछ और घोषणायें भी की गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राज्य सरकार की महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश सहित कुल मिलाकर छह महीने का बच्चे की देखभाल का अवकाश दिया जायेगा। मातृत्व अवकाश देने की व्यवस्था पहले से ही है। महिलाओं के कल्याण की दिशा में यह एक अनुपूरक कदम है। महिलायें हमारे प्रशासनिक मशीनरी का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।’’
येदियुरप्पा ने इसके साथ ही महिला विकास बोर्ड, कर्नाटक राज्य वित्त निगम के जरिए चार प्रतिशत की रियायती दर पर सेवा क्षेत्र में काम करने वाली महिला उद्यमियों को दो करोड़ रुपये तक की रिण सुविधा उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। राज्य सरकार ने संजीवनी योजना के तहत ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए 6,000 सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के लिए पंचायती राज संस्थानों को समर्थन दिए जाने की भी घोषणा की है। इससे राज्य की 60 हजार महिलाओं को लाभ होगा।
सरकार ने यह भी प्रस्ताव किया है कि वह महिला स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों को मंडल स्तर पर वार्षिक मेलों का आयोजन कर उत्पादों को बाजार समर्थन देगी। इसके साथ ही ई- बाजार सुविधा को भी अमल में लाया जाएगा। येदियुरप्पा ने बेंगलुरु में गारमेंट क्षेत्र में काम करने वाली महिला श्रमिकों को बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम (बीएमटीसी) की बसों में रियायती दर पर बस पास दिने के लिए 30 करोड़ रुपये की लागत से ‘‘वनीता संगती’ की घोषणा की है।
उन्होंने महिलाओं को रोजगार पाने के मामले में विभिन्न कानूनों और नियमों की नए सिरे से परीक्षण करने का भी प्रस्ताव किया है। इसके साथ ही पंयचायती राज प्रणाली में महिला बजट और बाल कल्याण बजट शामिल करने का भी प्रस्ताव किया है। येदियुरप्पा ने सुरक्षित शहर परियोजना के तहत सार्वजनिक स्थानों पर 7,500 कैमरे लगाने की योजना की भी घोषणा की। शहर में रात को चौकसी बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली को भी बढ़ावा दिया जाएगा।


Download Android App
Download iOS App



