प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से संबंध रखने और अशांति फैलाने के आरोप में पाकुड़ जिले के जिला परिषद सदस्य हंजला शेख को कोर्ट ने तीन साल सश्रम कारावास और दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। हालांकि, अदालत ने उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है।
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से संबंध रखने और जिले में अशांति
पाकुड़ के अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी निर्मल कुमार भारती ने हंजला शेख को क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट की धारा 17(1) और धारा 17 (2) के अंतर्गत दोषी पाया है। उनके खिलाफ पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से संबंध रखने और जिले में अशांति फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी।
12 गवाहों की गवाही पेश
अभियोजन की तरफ से कुल 12 गवाहों की गवाही पेश की गई। गवाही और साक्ष्य के आधार पर उन्हें दोषी करार दिया गया। नियमों के अनुसार आपराधिक मामले में सजा के कारण हंजला शेख की जिला परिषद सदस्यता खत्म कर दी जाएगी।


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