कनाडा को लेकर भारतीय कूटनीति के रवैये में कोई भी नरमी आने के संकेत नहीं है। पिछले शुक्रवार (10 अक्टूबर) को अमेरिकी के साथ 2 प्लस 2 वार्ता में भारत ने दो टूक साफ कर दिया था कि कनाडा के साथ कूटनीतिक विवाद को लेकर वह अपने रूख पर अडिग है।
अतिवाद फैलाने वाले समूहों पर लगानी होगी रोक
वहीं, अब संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार आयोग की बैठक में भी भारत ने साफ तौर पर कनाडा को कहा कि उसे अतिवाद फैलाने वाले समूहों पर रोक लगाानी होगी और अभिव्यक्ति की आजादी के हो रहे दुरूपयोग को भी रोकना होगा। यूएनएचआरसी की यह बैठक कनाडा में मानवाधिकार की स्थिति की समीक्षा को लेकर ही थी, जिसमें भारतीय प्रतिनिधि ने भारत की मौजूदा चिंताओं को सामने रखने में कोई कोताही नहीं की है। कनाडा की तरफ से भी इस तरह के संकेत नहीं है कि वह मौजूदा तनााव को अपनी तरफ से खत्म करने को लेकर कोई नरमी दिखा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय कानूनों का मनमाने तरीके से इस्तेमाल होगा खतरनाक
कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रुडो ने भारत की तरफ इशारा करते हुए कहा है कि किसी भी बड़े देश को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का मनमाने तरीके से इस्तेमाल की इजाजत देना खतरनाक होगा। यूएनएचआरसी की बैठक में कनाडा सरकार की तरफ से मानवाधिकार की स्थिति पर रिपोर्ट भी सौंपी गई है।


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