लुधियाना-अमृतसर : पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान अलग-अलग सियासी पार्टियों के सिख नेताओं द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब के हुकमनामे की उल्लंघना करने के दोष में कार्यवाही करते हुए सरबत खालसा के जत्थेदारों ने पंजाब के लगभग 40 सियासी नेताओं के खिलाफ सिख पंथ को सियासी बायकाट करने का हुकमनामा जारी किया है। उन्होंने देश-विदेश की सिख संगत को कहा कि वे दोषी नेताओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की सियासी सांझ ना रखें। यह हुकमनामा आज श्री हरिमंदिर साहिब के परिसर में श्री अकाल तख्त साहिब पर सिंह साहिबान द्वारा माथा टेकने और अरदास करने उपरांत जारी किया गया।
श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार सिंह साहिबान भाई ध्यान सिंह मंड, तख्त श्री दमदमा साहिब -तलवंडी साबो के जत्थेदार भाई बलजीत सिंह दादूवाल और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार भाई अमरीक सिंह अजनाला और अन्य दो साथी भाई जगमीत सिंह और भाई मेजर सिंह द्वारा जारी हुकमनामे के संबंध में जानकारी देते हुए भाई ध्यान सिंह मंड ने बताया कि 17 मई 2007 को श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा हुकमनामा जारी हुआ था कि डेरा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम और उनके अनुयायियों के साथ किसी भी प्रकार की कोई सांझ नहीं रखेगा। परंतु विधानसभा चुनावों के दौरान चंद वोटों की खातिर दोषी सिख नेताओं ने हुकमनामे की उल्लंघना की है।
इस संबंध में बनाई गई जांच कमेटी द्वारा जांच के उपरांत दी गई रिपोर्ट में दोषी करार दिया गया है। हालांकि उक्त नेताओं को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए अकाल तख्त साहिब पर पेश होने का वक्त भी दिया गया परंतु घमंडी नेताओं ने इसकी परवाह नही की। 30 मार्च को इन सभी नेताओं को तन्खाईया करार दिया गया था और आज इनके खिलाफ अगली कार्यवाही करते हुए सिख संगत को सियासी बायकाट करने का हुकम दिया गया है। जिक्रयोग है कि इसी मामले में पहले भी एसजीपीसी द्वारा नियुक्त श्री अकाल तख्त साहिब पर पंज सिंह साहिबान द्वारा हुकमनामे की उल्लंघना करने के दोष में लगभग 43 सिख आगुओं के खिलाफ कार्यवाही की जा चुकी है और वे धार्मिक सजा का भुगतान करके श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हो चुके है।
– सुनीलराय कामरेड


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