लुधियाना-फगवाड़ा : पंजाब के दोआबा और मालवा के मध्य सतलुज दरिया के पार बसे फगवाड़ा के नैशनल हाईवे को जाम करके बैठे गन्ना उत्पादकों ने पंजाब सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों के बाद आज धरना खत्म करने का ऐलान कर दिया है।
भारतीय किसान यूनियन दोआबा के प्रधान मंजीत सिंह राय ने बताया कि सरकार द्वारा आज विशेष बैठक के उपरांत भरोसा दिया गया है कि 15 जनवरी तक गन्ने का समस्त बाकाया अदा कर दिया जाएंगा और गन्ने की नई अदायगी भी साथ-साथ शुरू हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि इसी भरोसे के चलते आज पिछले 24 घंटों के दौरान चल रहा नैशनल हाईवे पर लगा धरना खत्म कर दिया गया है। हालांकि दूसरी तरफ कुछ संगठनों ने धरना ना उठाने की चेतावनी दी है।
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जानकारी के मुताबिक पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर गन्ना किसानों के आंदोलन ने जब उग्र रूप धारण कर लिया तो मुख्यमंत्री और चीनी मिल मालिक एसो. की आज चंडीगढ़ में एक अहम बैठक हुई, जिसमें निजी शुगर मिलों द्वारा तुरंत गन्ने की खरीद शुरू करने का फैसला किया गया है।
मिटिंग में यह भी फैसला हुआ कि चालू सीजन के दौरान किसानों का गन्ना 310 रूपए प्रति क्विंटल खरीदा जाएंगा। शूगर मिले किसानों का गन्ना 285 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदेंगी जबकि 25 रूपए क्विंटल पंजाब सरकार द्वारा दिया जांएगा। पिछले वर्ष के बाकायों में से 67 करोड़ रूपए पंजाब सरकार देंगी। जबकि बाकी मिलों द्वारा चीनी बेचकर किया जाएंगा।
सूत्रों के मुताबिक फगवाड़ा में चल रहे हाईवे जाम को अभी तक खोला नहीं गया और गन्ना उत्पादन चालू वर्ष दौरान गन्ने की कीमत के बारे में तुरंत अदा करने की मांग कर रहे है। अपने गन्ना के बकाये के लिए किसान चीनी मिलों के समक्ष धरना देेने के बाद सडक़ों पर उतर आए थे। हजारों किसान फगवाड़ा- जालंधर नेशनल हाईवे पर डेरा डाल दिया था। इस कारण बुधवार को भी हाइवे पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। किसानों ने मंगलवार की पूरी रात हाइवे पर गुजारी और अब भी बिस्तर लगाकर डटे हुए थे।
– सुनीलराय कामरेड


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