लुधियाना-मुल्लापुर दाखा : सोमवार को होने जा रहे पंजाब की 4 विधानसभा हलकों के उपचुनावों का जैसे-जैसे समय नजदीक आता जा रहा है, तो उन इलाकों से सियासी धक्केशाही और पुलिस के खौफ की खबरों के आरोप- प्रत्यारोप की बयानबाजी सामने आ रही है। लुधियाना के विधानसभा हलका दाखा, होशियारपुर के इलाका मुकेरिया और जालंधर के विधानसभा हलका फगवाड़ा और फाजिलका के जलालाबाद में भारी सुरक्षा बंदोबस्त के तहत अद्र्धसैनिक बलों की टुकडिय़ों ने चुनाव अधिकारियों के साथ वोटे डलवाने के लिए कमर कसी हुई है।
इसी बीच आज देर शाम दाखा इलाके के सराभा गांव में सियासी कार्यकर्ताओं द्वारा कई गाडिय़ों के शीशे तोड़े जाने की खबर आई है जबकि अकाली-भाजपा प्रत्याशी मनप्रीत सिंह अयाली ने अपने सैकड़ों समर्थकों को साथ लेकर कांग्रसे के मुख्यालय का घेराव किया है। मनप्रीत सिंह अयाली ने पुलिस को शिकायत की है कि कांग्रेसी नेता उनके समर्थकों को घर-घर जाकर धमका रहे है। उनका यह भी कहना था कि कांग्रेसी विधायकों ने घरों में घुसकर महिलाओं तक को उठाकर ले जाने की धमकी दी है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक दाखा हलका के अधीन आते अमर शहीद करतार सिंह सराभा के पैतृक गांव सराभा में आज उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया जब उपचुनाव के पूर्व संध्या पर कांग्रेस व अकाली दल के वर्कर एक दूसरे के आमने सामने हो गये। मौके पर भारी संख्या में पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को कंट्रोल किया।
इस अवसर पर मौके पर पहुंचे अकाली दल के प्रत्याशी मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि इस गांव में हलका जीरा विधानसभा से कांग्रेस पार्टी का एमएलए कुलबीर सिंह जीरा, अयाली गांव के घर घर में जाकर वोटरों को अकाली दल के पक्ष में वोट न डालने के लिए धमका रहे है। गांव वासियों ने जब इसका विरोध किया और वहां सूचना मिलने पर यहां पहुंचे तो एमएलए जीरा दीवार फांद कर समर्थकों सहित फरार हो गया।
दूसरी तरफ एमएलए कुलबीर सिंह जीरा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह बीस से बाईस दिन ढैपई, सहौली व सराभा रहा हूं तब अयाली वहां दिखा नहीं। अब जब चुनाव आयोग के आदेश के अनुसार वह हलके से बाहर लुधियाना में थे तो पीछे से मनप्रीत सिंह अयाली ने सराभा गांव में आकर दहशत फैलाई है। उन्होंने कहा कि वह शहीद की सौंगध उठाकर कहे कि जीरा वहां था। कुलबीर सिंह जीरा ने यह भी कहा कि अब लोगों के सामने अकालियों का चेहरा बेनकाब हो चुका है।
स्मरण रहे कि पिछले ही दिनों खादीधारी कांग्रेसियों और खाकी वर्दीधारियों के खौफ और ज्यादतियों को रोकने के लिए शिरोमणि अकाली दल के कदवार नेता और पूर्व केबिनेट मंत्री डॉ दलजीत सिंह चीमा, चरणजीत सिंह अटवाल, इंद्रजीत सिंह ग्रेवाल समेत पूर्व केबिनेट मंत्री व पार्टी महासचिव विक्रम सिंह मजीठिया ने मनप्रीत सिंह अयाली के साथ वर्करों को लेकर दाखा के मुख्य पुलिस स्टेशन का घेराव करते हुए केप्टन सरकार की धक्केशाही का रोना रोया था।
इस दौरान अकाली वर्करों ने कांग्रेस सरकार और लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिटटू व केबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कांग्रेसियों और पुलिस की धक्केशाही के विरूद्ध जमकर नारेबाजी भी की।
मजीठिया ने कहा कि पिछले छह दिन में 18 के करीब शिअद वर्करों के खिलाफ पुलिस झूठे मामले दर्ज कर चुकी है। इसमें पुलिस ने एक 60 वर्षीय बुजुर्ग शिअद वर्कर के खिलाफ मोबाइल छीनने का झूठा मामला दर्ज किया है। पुलिस की दस टीमें कांग्रेस वर्कर बन शिअद वर्करों के घरों में छापामारी करने में जुटी हुई हैं।
उन्होंने कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु पर एक सिख युवक की पगड़ी उतार देने के आरोप भी लगाए। अयाली ने एसएसपी को कहा कि अगर दाखा उपचुनाव के दौरान किसी भी वर्कर की हत्या हो गई तो उसकी जिम्मेवार पुलिस होगी। इस दौरान शिअद वर्करों ने सोशल मीडिया पर सारा मामला लाइव किया गया।
– सुनीलराय कामरेड


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