लुधियाना-अमृतसर : दशहरे के मोके पर गुरू की नगरी अमृतसर में घटित दर्दनाक रेल हादसे का जायजा लेेने के लिए कड़ी पुलिसिया सुरक्षा प्रबंध के अंतर्गत पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमेंरद्र सिंह और डीजीपी सुरेश अरोड़ा पहुंचे। इस दौरान कैप्टन अमरेंद्र सिंह घटना स्थल पर सिर्फ 15 सेकेंड ही रूके। कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने ऐलान किया है कि मृतकों के शोक में अमृतसर में सोमवार तक समस्त शिक्षण संस्थान और सरकारी विभाग बंद रहेंगे।
इस दौरान कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने जिले के अलग-अलग अस्पतालों में जाकर कुशश्रेम पूछा। मुख्यमंत्री के साथ राज्य के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और शिक्षामंत्री ओपी सोनी भी थे। मुख्यमंत्री इसके बाद अन्य अस्पतालों में भी गए। वह हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों से भी मिलेें और उनके सांत्वना दी। इस पश्चात उन्होंने गुरूनानक देव अस्पताल में जाकर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बोलते हुए कहा कि यह बहुत ही दर्दनाक हादसा है और इस कारण 5 सेकेंड में ही रेल ने 59 लोगों की जान ले ली जबकि 57 लोग जख्मी हुए है।
उन्होंने कहा कि पीडि़त परिवार के लोगों के साथ उन्हें हमदर्दी है। कैप्टन ने यह भी बताया कि 9 लाशों की अभी तक पहचान नहीं हो सक ी। उन्होंने मीडिया के शोर-शराबे और सवालों के बीच यह भी कहा कि इस हादसे के लिए कौन शख्स जिम्मेदार है? इसपर उन्होंने कहा कि मामले की न्यायिक जांच के हुकम दिए गए है और 4 सप्ताह में इसकी रिपोर्ट तलब की गई है। उन्होंने अमृतसर में घटना स्थल पर देरी से पहुंचने के सवाल पर बताया कि उनको विदेश यात्रा के लिए इजराइल जाना था और जब उन्हें इस हादसे के बारे में जानकारी मिली उस वक्त हवाई अडडे पर थे। कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने रेल हादसे के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों को तुरंत 3 करोड़ रूपए के मुआवजा देने की घोषणा की।
गम-गुस्से और लाचारी के बीच ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों में से 36 का हुआ अंतिम संस्कार
शुक्रवार शाम दशहरा कार्यक्रम के दौरान जोड़ा फाटक के पास हुए रेल हादसे के लिए रेलवे पुलिस ने गैर इरादतन हत्या और हादसे की धाराओं के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। उधर पुलिस ने डीएमयू के चालक को हिरासत में ले लिया है। उसकी डीएमयू से ही हादसा हुआ था। उधर लोगों ने हादसा स्थल जोड़ा फाटक पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेडऩे के लिए हल्का सा लाठीचार्ज किया।
हादसा स्थल जोड़ा फाटक के पास प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह समय एक-दूसरे पर गलत बयानबाजी करने व जिम्मेदारी थोपने का समय नहीं है। रेलवे की जांच से अलग मामले की मजिस्ट्रेटी जांच होगी। चार हफ्ते में इसकी जांच रिपोर्ट देनी होगी। उनकी गैर हाजरी में प्रशासन और चंडीगढ़ से उनकी पूरी टीम काम कर रही थी। सिद्धू ने हादसे को कुदरत का कहर कहने जाने के बारे में पूछे जाने पर कैप्टन ने कहा कि कुछ लोग सिद्धू के बयान का गलत मतलब निकाल रहे हैं। उनके बयान को तोड़मरोडक़र पेश न किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ शवों को छोडक़र सभी शवों की पहचान हो गई है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को पहले ही मदद की घोषणा कर दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे घटना की जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, मेरा यहां तुुरंत आना या नहीं आना से ज्यादा प्रभावित लोगों को तुरंत राहत देने का था। सरकार रेलवे से अलग इस हादसे की मजिस्ट्रेट जांच जिला कमिश्नर से करवाएगी। मजिस्ट्रेट हादसे की हर पहलू से जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच से पहले इस मामले में कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।


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